RS ELECTION: राजद से मनोज व अशफाक प्रत्‍याशी, कांग्रेस से मैदान में अखिलेश

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बिहार में राज्‍यसभा चुनाव को ले महागठबंधन में सहमति बन गई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद बिहार से मनोज झा व अशफाक को राज्यसभा भेजेंगे। उधर कांग्रेस से अखिलेश सिंह प्रत्‍याशी होंगे।
पटना । बिहार में छह राज्‍यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव को लेकर राजद ने अपने उम्‍मीदवारों की घोषणा कर दी है। राजद के प्रदेश अध्‍यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव और राबड़ी देवी के नेतृत्‍व में मनोज झा और अशफाक करीम को राज्‍यसभा प्रत्‍याशी बनाने का निर्णय लिया गया है।
राजद ने इन दोनों के सहारे 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए बिहार में विपक्षी महागठबंधन ने इस चुनाव में एकता प्रदर्शित करने की कोशिश की है। विपक्षी एकीकरण की दिशा में इसे बड़ा कदम बताया जा रहा है।
ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश
मनोज पर सहमति बनाकर राजद ने ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश की है। सहरसा के रहने वाले मनोज दिल्ली विश्वविद्यालय में सामाजिक कार्य विभाग के अध्यक्ष हैं और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पसंद हैं। राजद के दूसरे प्रत्याशी अशफाक करीम हैं। वे शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और कटिहार में इनका मेडिकल कालेज है। राजद से पहले अशफाक लोजपा में भी रह चुके हैं। इनका राजनीतिक प्रोफाइल बहुत समृद्ध नहीं है, लेकिन संसदीय चुनाव में कटिहार से एक बार भाग्य आजमा चुके हैं।
विधान परिषद में जा सकते मांझी के पुत्र
राजद की ओर से अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी को प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। मांझी हफ्ते भर पहले राजग छोड़कर राजद-कांग्रेस गठबंधन के साथ आए हैं। कहा जा रहा था कि राजद के समर्थन से राज्यसभा जाना इनका पक्का है। किंतु पार्टी सूत्रों के मुताबिक गठबंधन नेताओं से इनकी ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। राजद के समर्थन से इनके पुत्र का विधान परिषद में जाना तय बताया जा रहा है।
अखिलेश के नाम पर लगी मुहर
इसी तरह कांग्रेस में पूर्व मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार की चर्चा चल रही थी, किंतु आलाकमान ने बिहार में पार्टी की परिस्थितियों, चुनौतियों, सामाजिक समीकरण और गठबंधन की जरूरतों को देखते हुए अखिलेश के नाम पर मुहर लगा दी।
कांग्रेस को राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने के साथ-साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के खतरनाक इरादे से भी निपटना है। ऐसे में कांग्रेस ने मीरा कुमार से ज्यादा अखिलेश को मुफीद माना गया।
महागठबंधन करेगा एकता का प्रदर्शन
उपचुनाव की तरह राज्यसभा चुनाव में भी राजद-कांग्रेस एवं हम के नेता अपने नए महागठबंधन की एकजुटता दिख रही है। राज्यसभा की इन छह सीटों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 12 मार्च है। सोमवार को ही महागठबंधन के सभी तीनों प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
जदयू भी आज खोलेगा पत्ते
राज्यसभा की छह सीटों में भाजपा के हिस्से में एक सीट है। उसने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को पहले ही आगे कर दिया है। जदयू ने अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और महेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ किंग महेंद्र के नाम पर सहमति बना ली गई है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दोनों गठबंधनों के खाते में तीन-तीन सीटें आसानी से आती दिख रही हैं।

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