दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वी के जैन ने दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वी के जैन ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि राज्य के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित मारपीट मामले में जैन ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि विधायक अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जरवाल ने प्रकाश को पीटा था।सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने मुख्य सचिव मारपीट मामले में एक दिन पहले जैन से पूछताछ की थी। सूत्रों ने बताया कि जैन ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। उन्होंने सीएम ऑफिस को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उपराज्यपाल के पास भी एक कॉपी भेज दी है।जैन को पिछले साल सितंबर में दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड ( DUSIB) के सीईओ पद से रिटायर होने के एक दिन बाद केजरीवाल का सलाहकार बनाया गया था। इस बोर्ड के चेयरमैन अरविंद केजरीवाल हैं। सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव से मारपीट मामले के बाद से ही जैन सीएम ऑफिस नहीं आ रहे हैं और एक सप्ताह के मेडिकल लीव पर भी चले गए थे।गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जरवाल पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को कथित तौर पर पीटने का आरोप है। इस मामले में दोनों विधायकों को हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। जैन ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा था, ‘मेरे आंखों के सामने अमानतुल्ला और जरवाल मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को पीट रहे थे। उन्होंने अपने बयान में कहा था, ‘मैं घटनावाले रात 11.30 बजे अपने महारानी बाग स्थित आवास से मध्यरात्रि को सीएम के आवास पर पहुंचा था। वहां मैंने देखा कि विधायक पहले से मौजूद थे और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।’पुलिस को दिए बयान में जैन ने कहा, ‘मैं मीटिंग के दौरान उठकर वॉशरूम गया था। जब मैं वहां से लौटा तो देखा कि विधायक अमानतुल्ला और जरवाल मुख्य सचिव को पीट रहे थे और कह रहे थे कि क्यों वह काम नहीं करते। उन्होंने अंजु प्रकाश को धक्का दिया और उनका चेहरा पकड़कर काम करने को कहा। तभी मुख्य सचिव का चश्मा गिर गया।’ गौरतलब है कि इससे पहले दिए गए अपने बयान में जैन ने पुलिस को बताया था कि इस घटना के दौरान वह वॉशरूम चले गए थे और उन्हें नहीं पता कि इस दौरान क्या हुआ था।
मुख्य सचिव से मारपीट की घटना के बाद IAS असोसिएशन ने सीएम से माफी की मांग तक राज्य के मंत्रियों के बहिष्कार करने का फैसला किया था। विपक्षी पार्टियों ने भी इस घटना के लिए केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया था।

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