नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड

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महराजगंज
उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा पर अवैध तरीके से नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। भारत की सीमा पर स्थित जनसेवा केंद्रों पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे ये फर्जीवाड़ा चल रहा है। ऐसे ही दो मामले सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार इस तरह के कई और मामले सामने आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार इस तरह की लापरवाही आंतरिक सुरक्षा के लिए बढ़ा खतरा हो सकते हैं।नेपाल से सटे भारत के सीमावर्ती इलाकों पंजाब + , दिल्ली और उत्तर प्रदेशों में भारी संख्या में नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड बनाया जा रहा है। नेपाल के रहने वाले पूर्ण बहादुर गुरुंग पुत्र लाल बहादुर गुरुंग निवासी पंचमूल जिला स्यानजा (नेपाल) की नागरिकता है। उसी व्यक्ति का आराजी सरकार उर्फ बैरिहवां नौतनवां जिला महाराजगंज भारत में आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
वहीं नेपाल + निवासी अमर बहादुर सापकोटा पुत्र लाल बहादुर सापकोटा निवासी लुंबिनी जिला गुल्मी, जिसकी नेपाली नागरिकता है। इसके बाद भी उसका भारत के पंजाब से आधार कार्ड जारी किया गया है। सूत्रों के अनुसार ऐसे सैकड़ों नागरिक हैं जो नेपाल की नागरिकता के साथ ही भारत में भी आधार कार्ड बनवाकर यहां की अवैध नागरिकता हासिल कर रहे हैं।दो से चार हजार रुपये में बन रहे आधार
महराजगंज जिले से लगी भारत नेपाल सीमा पर इन दिनों नेपालियों के आधार कार्ड + बनाने का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। यहां 2 से 4 हजार रुपये में नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बना दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार आधार बनाने के लिए जिन दस्तावेजों की जरूरत होती है वे जनसेवा केंद्रों का संचालन करने वाले ही उपलब्ध करवा देते हैं।सूत्रों के अनुसार प्रशासन की नाक के नीचे यह खेल चल रहा है। इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियां कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। मालूम हो कि इससे पहले नेपाल सीमा से लगे बहराइच में भी पिछले साल दिसंबर में कई नेपाली नागरिकों के भारतीय आधार कार्ड बनवाने का मामला सामने आया था। इसके बाद भी लोकल इंटेलिजेंस, एसएसबी, आईबी और अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया तंत्र के अधिकारियों ने इस पर रोक नहीं लगाई।एसपी बहराइच जुगुल किशोर ने किया था भंडाफोड़
नेपाल सीमा पर अवैध तरीके से नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पिछले साल नवंबर 2017 में एसपी बहराइच जुगुल किशोर ने किया था। एसपी के आदेश के बाद रुपईडीहा पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी और आईटी ऐक्ट के तहत तीन युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद खुफिया एजेसियां सक्रिय हो गई थीं।
कार्रवाई की जाएगी
इस मामले में महराजगंज के डीएम वीके सिंह का कहना है कि इस तरह के मामले की शिकायत मिली है। अधिकारियों को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जो लोग भी इस तरह के काम में लिप्त हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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