3 घंटों में 2 को गोलियों से भूनने वाला गैंगस्टर एनकाउंटर में घायल

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नई दिल्ली
चार माह पहले दिल्ली के ब्रह्मपुरी और भजनपुरा इलाकों में तीन घंटे के भीतर दो युवकों की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाला कुख्यात गैंगस्टर आज सुबह अमरोहा (यूपी) में पुलिस के साथ एनकाउंटर में गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसके दोनों पांव में तीन गोलियां लगी हैं। गैंगस्टर का नाम अनवर है। उस पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम रखा था। उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी पुलिस की जॉइंट टीमों ने तड़के करीब 4:30 बजे अमरोहा बाइपास के पास घेरा।
पुलिस के अनुसार, अनवर अपने साथी के साथ कार में सवार था। पुलिस टीमों ने उसकी धर-पकड़ के लिए करीब ढाई किलोमीटर तक पीछा किया। जब दोनों बदमाश चारों तरफ से घिर गए तो पुलिस पर फायरिंग कर दी।
स्पेशल सेल की टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर शिव कुमार और यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर राजेंद्र नागर की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां लगीं। वहीं, यूपी पुलिस के एक इंस्पेक्टर धर्मेंद्र हाथ में गोली लगने से जख्मी हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस का कहना है कि भागने की कोशिश कर रहे अनवर के पैरों पर गोलियां दागी गईं, वह गोलियां लगने से गिर गया। उसका साथी अंधेरे की आड़ में भाग निकला। अनवर को अमरोहा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने की वजह से उसे मेरठ के जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
कारबाइन, पिस्टल और 21 गोलियां रिकवर
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि अनवर दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस के लिए मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर बन चुका था। ब्रह्मपुरी और भजनपुरा में ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दो मर्डर करने के बाद से उस पर एक लाख रुपये का इनाम था। वह दोनों मर्डर के सीसीटीवी फुटेज में बर्बर ढंग से गोलियां बरसाता नजर आ रहा है। मूलरूप से अमरोहा का रहने वाला है।

सेल की एक टीम एसीपी अतर सिंह और इंस्पेक्टर शिव के सुपरविजन में 2 महीने से उसकी तलाश में जुटी थीं। खबर मिली कि वह आज अपने एक साथी के साथ वारदात के इरादे से दिल्ली के लिए निकलेगा। उसके पास घातक हथियार होने की इंफर्मेशन भी थी, इसलिए पूरी तैयारी के साथ स्पेशल सेल और यूपी पुलिस की जॉइंट टीमें उसकी घेराबंदी के लिए लगाई गईं।

पहले उस पर सरेंडर करने का दबाव बनाया गया, लेकिन उसने फायरिंग कर दी। यूपी पुलिस के एक कर्मी घायल हो गए। दो इंस्पेक्टरों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं। जवाबी फायर में अनवर घायल हो गया। उससे एक पिस्टल, एक कारबाइन और 21 कारतूस रिकवर हुए हैं। जॉइंट पुलिस टीम में एएसआई चंद्रवीर तेवतिया और हेड कॉन्स्टेबल रोहित पवार भी शामिल थे। अनवर पर दिल्ली और यूपी में हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, लूटपाट, किडनैपिंग, आर्म्स ऐक्ट के 8 मुकदमे दर्ज हैं।

इरफान उर्फ छेनू का राइट हैंड था अनवर
अनवर (30) कुख्यात गैंग सरगना इरफान उर्फ छेनू का दायां हाथ था। वह कद-काठी से बेहद मजबूत, फुर्तीला और सबसे ज्यादा कुख्यात था। दुश्मनों पर एक बार में 20-20 गोलियां झोंकता था। आखिर में सिर में गोलियां दागता, जिससे कि उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे। बता दें कि साल 2010 से इरफान उर्फ खैबर हयात और नासिर गैंग के बीच गैंगवार चल रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि अब तक दोनों तरफ से लगभग 20 लोग मारे जा चुके हैं। 23 अक्टूबर, 2017 को अनवर ने अपने साथियों के साथ तीन घंटे के भीतर जिन दो युवकों (वाजिद और आरिफ उर्फ राजा) को बेरहमी से गोलियों से भूना, वे नसिर गैंग से ही जुड़े थे। अनवर वाजिद की हत्या के बाद उसकी जेब से लाखों के डॉलर्स भी निकाल कर ले गया। अनवर कुख्यात गैंगस्टर शौकत पासा के गैंग से भी जुड़ा रहा है।

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