सरकारी कर्मचारियों के लिए 5 साल सेना में अनिवार्य सेवा पर हो रहा विचार

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नई दिल्ली
किसी को केंद्र या राज्य सरकार में सरकारी नौकरी चाहिए तो उसे भविष्य में पांच साल अनिवार्य रूप से सेना की ट्रेनिंग और सर्विस करना पड़ सकती है। इस बारे में संसद की एक समिति ने सरकार से तुरंत कदम उठाने को कहा है। संसद में पेश इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना की कमी को देखते हुए इस शर्त को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। साथ ही समिति ने इस बात पर नाराजगी भी जताई है कि इस बारे में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) को प्रस्ताव बनाने को कहा गया था लेकिन अब तक उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।संसद में यह रिपोर्ट रक्षा मामलों पर बनी स्टैंडिंग समिति ने दी है। इस समिति की अध्यक्षता बीजेपी के सीनियर सांसद और उत्तराखंड के पूर्व सीएम मेजर बीसी खंडूरी कर रहे हैं। इसमें बीजेपी के सीनियर नेता मुरली मनोहर जोशी सहित सभी पार्टी के सांसद मेंबर हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में आर्मी में लगभग सत्तर हजार से अधिक पद खाली हैं। इन्हें नहीं भरने से काम करने वालों पर ज्यादा दबाव है। इस कमी को पूरा करने के लिए स्थायी समाधान के लिए इस तरह की अनुशंसा की गई है। समिति ने पिछली रिपोर्ट में ही इस प्रस्ताव को सामने करते हुए डीओपीटी से पहल करने को कहा था। लेकिन डिफेंस मिनिस्ट्री ने समिति को जानकारी दी कि डीओपीटी ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की है। समिति ने कहा है कि सेना का मनोबल बनाए रखने के लिए सरकार को तत्काल प्रस्ताव को अमल में लाना चाहिए। मालूम हो कि विश्व के कई देशों में अनिवार्य मिलिट्री ट्रेनिंग की व्यवस्था है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद देश में भी इस बारे में नए सिरे से बहस तेज हो सकती है। साथ ही समिति ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) से भी सेना के तकनीकी पदों को तुरंत भरने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।‘रिटायर्ड जवानों के लिए नए मौके खोजें’
रिपोर्ट में सेना से रिटायर होने वाले जवानों के लिए उनकी योग्यता और पसंद के अनुसार नए अवसर तलाशने के लिए भी कई प्रस्ताव दिए गए हैं। इसके लिए नैशनल स्किल डिवेलपमेंट को इन रिटायर्ड जवानों के लिए डेटा बेस तैयार करने को कहा गया है। इसी के हिसाब से उन्हें काम दिलाने के लिए एक सिस्टम बनाने को कहा गया है। इसके अलावा सेना से रिटायर्ड जवानों को राज्यों के पुलिस बल में नौकरी की संभावना तलाशने के लिए होम मिनिस्ट्री से एक रोडमैप बनाने को कहा गया है। संसदीय समिति ने सेना के जवानों के लिए पैरा मिलिट्री और पुलिस बल में लैटरल इंट्री की प्रक्रिया खोलने को कहा है। इसके लिए समिति की अगली मीटिंग में होम मिनिस्ट्री से अपना पक्ष रखने को कहा गया है।

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