अविश्वास प्रस्तावः अमित शाह आंध्र इकाई के साथ करेंगे बैठक, रणनीति बनाने में जुटी भाजपा

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वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद भाजपा में आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। अध्यक्ष अमित शाह पार्टी की आंध्र प्रदेश इकाई के कोर समूह के साथ आज शनिवार को बैठक कर सकते हैं। शाह आंध्र प्रदेश में राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करेंगे और राज्य में पार्टी के विकल्पों पर रणनीति बनाएंगे। आपको बता दें कि यहां लोकसभा की 25 सीटें हैं और अगले वर्ष लोकसभा चुनावों के साथ यहां विधानसभा चुनाव भी होने हैं। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है, जिसे सोमवार को सदन में लाया जा सकता है। शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने यह कहते हुए नोटिस को खारिज कर दिया था कि इसे तभी स्वीकार किया जा सकता है, जब सदन सुचारू रूप से चल रहा हो। वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने ये भी कहा है कि अगर केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग नहीं मानी तो उनकी पार्टी के सभी सांसद 6 अप्रैल को इस्तीफ़ा दे देंगे।सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव लाएगी टीडीपी टीडीपी ने कहा कि वह केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ 19 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। टीडीपी ने कहा कि हम 54 सांसदों का हस्ताक्षर 19 मार्च को लाएंगे और संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे। आंध्र प्रदेश के मंत्री के.एस. जवाहर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने तेलुगू जनता को धोखा दिया। हम एनडीए सरकार के ख़िलाफ़ संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहे हैं।
NDA से TDP ने तोड़ा नाता, लोकसभा में नहीं पेश हो पाया केन्द्र के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में तेलुगूदेशम पार्टी के 16 सदस्य हैं और वाईएसआर के नौ सांसद हैं। अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता है। हालांकि, भाजपा को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल है और इस प्रस्ताव का मोदी सरकार पर शायद ही कोई असर हो।भाजपा का पलटवार
पार्टी पहले ही कह चुकी है कि टीडीपी की ओर से गठबंधन खत्म करना एक अवसर है ताकि वह राज्य में विकास कर सके। भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि केंद्र के खिलाफ दुष्प्रचार के बाद टीडीपी का गठबंधन से हटना आवश्यक हो गया था।आंध्रप्रदेश के लोगों को अब महसूस होने लगा है कि टीडीपी अपनी अक्षमता और प्रशासनिक निष्क्रियता को छिपाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। खतरे से ज्यादा टीडीपी का समय पर हट जाना आंध्र प्रदेश में भाजपा के विकास के लिए अवसर है।
एनडीए से अलग हुई टीडीपी, जानिए कौन से दल ने क्या कहा टीडीपी ने किया है अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह राज्य के वैध अधिकार सुनिश्चित करने के लिए एक धर्मयुद्ध लड़ रहे हैं और टीडीपी की विश्वसनीयता के चलते राष्ट्रीय स्तर पर पार्टियां एनडीए सरकार के खिलाफ उनकी पार्टी के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर रही हैं।टीडीपी के भाजपा नीत एनडीए छोड़ने और लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद नायडू ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि वह अब आगे बढ़ेंगे एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पार्टियों को साथ लाएंगे।चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उन्होंने अभी तक किसी भी पार्टी से सम्पर्क नहीं किया है लेकिन टीडीपी की विश्वसनीयता के चलते वे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम हमारे राज्य के वैध अधिकारों के लिए केंद्र के खिलाफ एक धर्मयुद्ध लड़ रहे हैं। टीडीपी की राष्ट्रीय स्तर पर एक विश्वसनीयता है इसलिए कई पार्टियां हमें समर्थन के लिए आगे आ रही हैं। मैं जल्द ही उन लोगों से बात करूंगा जो हमारा समर्थन करने को तैयार हैं।

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