अविश्वास प्रस्ताव: देश में मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में विपक्ष

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नई दिल्ली
वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को विपक्ष सरकार के खिलाफ एक मौके के तौर पर देख रहा है। इस प्रस्ताव के समर्थन में कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल आंध्र की पार्टियों का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे देश में ऐंटी-एनडीए लहर को मजबूत किया जा सकेगा।
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है, जिसे सोमवार को सदन में लाया जा सकता है। शुक्रवार को लोकसभा स्पी कर सुमित्रा महाजन ने यह कहते हुए नोटिस को खारिज कर दिया था कि इसे तभी स्वीकार किया जा सकता है, जब सदन सुचारू रूप से चल रहा हो।
अविश्वास प्रस्ताव को बीजेपी ने बताया रिहर्सल
आंध्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में जुटीं वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी ने विशेष राज्य का दर्जा देने से केंद्र के इनकार के बाद अविश्वास प्रस्ताव का फैसला लिया है। इस पर विपक्षी दलों पर भी दबाव है कि वह इसका समर्थन करें ताकि ऐंटी-बीजेपी स्टैंड की उनकी नीति स्पष्ट हो सके। भले ही इस अविश्वास प्रस्ताव से बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को कोई खतरा न हो, लेकिन टीडीपी के अलग होने के बाद और अब शिवसेना की बयानबाजी के चलते उसके खिलाफ एक माहौल बनाने की जरूर कोशिश है। भले ही शिवसेना महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रही है, लेकिन वोटिंग के दौरान वह अनुपस्थित रहने का दांव भी चल सकती है।

कहीं भी झुक सकता है एआईएडीएमके, बीजेडी का पलड़ा
अब तक दो बड़े क्षेत्रीय दलों एआईएडीएमके और बीजेडी ने अपना स्टैंड साफ नहीं किया है। अंदरखाने इन दोनों दलों में विकल्पों पर विचार चल रहा है और ये केंद्र सरकार के खिलाफ भी मतदान कर सकते हैं। विपक्षी कैंप की बात करें तो टीएमसी जैसे दल बीजेपी पर आगे बढ़कर हमलावर रुख अपना रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव इसलिए नहीं लाया जा सका क्योंकि एआईएडीएमके और टीआरएस के सांसद वेल में आकर हंगामा कर रहे थे।

50 सांसदों के समर्थन पर आएगा अविश्वास प्रस्ताव
लोकसभा स्पीकर की ओर से अविश्वास प्रस्ताव को तभी मंजूरी दी जाएगी, जब सदन में कम से कम 50 सांसद खड़े होकर इसका समर्थन करें। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि एआईएडीएमके और टीआरएस जैसे दल इस नोटिस के पक्ष में आएंगे या नहीं। हालांकि अब तक टीडीपी के इस प्रस्ताव को कांग्रेस, टीएमसी, सीपीएम, आप और एआईएमआईएम जैसी पार्टियों का समर्थन मिल चुका है।

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