BJP को फिर झटका, यूपी कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद सपा में शामिल

0
105

उत्तर प्रदेश उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा है. योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दामाद डा. नवल किशोर ने समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं.

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नवल किशोर के सपा में शामिल होने की बात कही. इस दौरान उपचुनाव में मिली जीत पर अखिलेश यादव ने कहा कि योगी सरकार के एक साल पूरा होने पर जनता ने उन्हें सॉलिड रिटर्न गिफ्ट दिया है.

नवल किशोर के अलावा बीएसपी के पूर्व विधायक इरशाद खान और पूर्व एमएलसी प्रदीप सिंह ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. पार्टी ज्वॉइन करने पर अखिलेश यादव ने तीनों नेताओं को गौतम बुद्ध की प्रतिमा देकर उनका स्वागत किया. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे बहुत से नेता हैं जो अपनी पार्टी छोड़कर सपा का दामन थामने वाले हैं.

गौर हो कि, चार दिन पहले राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने से नाराज नरेश अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ बीजेपी का हाथ थाम लिया था. वहीं, बीते तीन महीने के सियासी हालात को देखें तो भाजपा और बसपा के कई नेता सपा में शामिल हुए हैं. भाजपा के पूर्व विधायक शम्‍भू चौधरी और नंद किशोर मिश्र, बसपा के पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्द‌ीकी और बसपा से जिलाध्यक्ष रहे तहसीन सिद्दीकी ने जनवरी में समाजवादी पार्टी का दामन थामा था.

वहीं, फरवरी में स्वामी प्रसाद मौर्य के भतीजे प्रमोद मौर्य ने सपा का दामन थामा था. उस दौरान उन्होंने कहा था कि भाजपा पिछड़े वर्ग की विरोधी है, बीजेपी सरकार में उनके समाज का शोषण हो रहा है. इसी कारण वो भाजपा छोड़ सपा में शामिल हो गए.

नवल किशोर 2016 में उस समय चर्चा में आए जब स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा से इस्तीफा दिया था. दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर आरोप लगाया था कि वो अपने दामाद नवल किशोर को विधानसभा का टिकट दिलाना चाहते थे और इसके लिए मना करने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

मायावती ने कहा था कि वे केवल उन्हें ही चुनाव का टिकट देंगी न कि उनके परिवार के सदस्यों को. बताया जाता है कि मौर्य द्वारा अपने दामाद को लेकर 22 जून 2016 को दोबारा मायावती से बात की, जिस पर मायावती क्रोधित हो गईं और कहा कि ये पार्टी उनके परिवार के किसी भी सदस्य को टिकट नहीं देगी. इसके बाद मौर्य ने पार्टी त्याग दी थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here