चारा घोटाला: कोर्ट जाते ही चिल्ला उठे लालू- हमरा बचावा हो …फैसला सुनकर रो पड़ीं राबड़ी

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पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें कोर्ट रूम तक पहुंचाया। इस दौरान मीडियाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। एक दो मीडियाकर्मियों से पुलिसकर्मी उलझे भी। हालांकि वरीय अधिकारियों ने मामला सुलझा लिया। कोर्ट से जाने के दौरान भी यही आलम रहा। कोर्ट की सुरक्षा के लिए कोतवाली डीएसपी भोला प्रसाद सिंह, इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में रांची स्थित सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी ठहराये जाने संबंधित फैसला सुनते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की आंखें नम हो गयीं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले को तो स्वीकार ही करना होगा। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में जायेंगे।उन्होंने सोमवार को सीबीआइ कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लालू जी की तबीयत खराब है। उनका रिम्स में इलाज चल रहा है। ऐसी स्थिति में उनको कोर्ट में नहीं बुलाना चाहिए था। उन्हें परेशान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमलोग विदेश भागने वाले नहीं हैं। बिहार में ही रहेंगे। कानून का पालन करेंगे।उन्होंने कहा कि उम्मीद तो हर व्यक्ति को होती है कि फैसला उसके पक्ष में आयेगा। मुझे भी यही उम्मीद थी। फैसला को लेकर घबराहट तो बनी ही रहती है। । उन्होंने दो बजते ही बगल में बैठे अपने पुत्र पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव को कहा कि विधान सभा की कार्यवाही प्रारंभ होने का समय हो गया है।इतना सुनते ही तेज प्रताप वहां से चले गये। राबड़ी ने कहा कि लालू जी निदरेष है। न्याय जरूर मिलेगा। 11विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत करतीं राबड़ी देवी।तेज प्रताप यादव ने कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में जायेंगे। उन्होंने कहा कि रांची की पुलिस ने रिम्स में भर्ती पिता लालू प्रसाद से मिलने नहीं दिया। मिलने की मात्र औपचारिकता पूरी की गयी। दो मिनट बाद ही वहां तैनात डीएसपी ने हटा दिया। इसलिए कोई बात नहीं हो सकी। लालू प्रसाद की तबियत खराब होने की खबर पर तेजप्रताप रांची गये थे।

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