T20I में तीन बार आखिरी गेंद पर भारत को मिली जीत, जानिए उन रोमांचक मैचों की कहानी

0
286

त्रिकोणीय सीरीज़ के फाइनल से पहले भारतीय टीम ने दो बार आखिरी गेंद पर टी 20 मैच में जीत हासिल की थी।

नई दिल्ली। श्रीलंका में खेली गई त्रिकोणीय टी 20 सीरीज़ के फाइनल में दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को निदास ट्रॉफी का चैंपियन बना दिया। ये कोई पहला मौका नहीं है, जब भारतीय टीम को आखिरी गेंद पर किसी टी 20 मैच में जीत मिली हो। इससे पहले भी दो बार टीम इंडिया टी20 मैच की आखिरी गेंद पर जीतने का कमाल कर चुकी है। तो चलिए आपको बताते हैं उन यादगार जीत के बारे मेंं-
त्रिकोणीय सीरीज़ के फाइनल से पहले भारतीय टीम ने दो बार आखिरी गेंद पर टी 20 मैच में जीत हासिल की थी। खास बात ये है कि तीन बार आखिरी गेंद पर मिली जीत में दो बार मुकाबला बांग्लादेश के साथ ही था। सबसे पहले भारत ने 2016 में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी गेंद पर जीत दर्ज़ की थी। इसके बाद 2016 में ही खेले गए टी 20 विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए मैच की आखिरी गेंद पर धौनी ने वो यादगार रन आउट कर भारत को जीत दिलाई थी और अब निदास टी 20 ट्राफी के फाइनल मैच में दिनेश कार्तिक ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिला दी।
31 जनवरी 2016 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी 20 सीरीज़ का तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला गया था। इससे पहले के दोनों टी 20 मैच भारत ने जीतकर सीरीज़ अपने नाम कर ली थी, लेकिन अब भारतीय टीम की नज़र इस अहम मैच को जीतकर कंगारुओं का उन्हें के घर में क्लीनस्वीप करने पर थी। तीसरे टी-20 मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 197 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन ने 71 गेंदों में 124 रन बनाए दिए। इस पारी के दौरान शेन वॉटसन के बल्ले से 10 चौके और 6 छक्के भी निकले। 198 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत काफी अच्छी रही। टीम इंडिया ने 3.1 ओवर में ही 46 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बाद शिखर धवन आउट हो गए। भारत की तरफ से रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अर्धशतक जरूर लगाए वो मैच को फिनिश नहीं कर सके।
भारतीय टीम को आखिरी ओवर में 17 रनों की जरूरत थी और क्रीज पर थे युवराज सिंह और सुरेश रैना। ऑस्ट्रेलिया की ओर से आखिरी ओवर T20 स्पेशलिस्ट एंड्रयू टाय फेंक रहे थे। इस ओवर की पहली की गेंद पर युवराज ने चौका जड़ दिया। दूसरी गेंद पर युवराज सिंह ने छक्का लगाकर भारतीय फैंस की उम्मीदें जगा दी। भारत 2 गेंदों पर 10 रन बना चुका था और अब जीत के लिए 4 गेंदों पर 7 रन की दरकार थी। तीसरी गेंद पर भारत को एक लेग बाई का रन मिल गया। अब स्ट्राइक पर थे सुरेश रैना। रैना ने चौथी और पांचवीं गेंद पर दो-दो रन बटोर लिए। अब भारत को जीत के लिए आखिरी गेंद पर 2 रन की जरूरत थी। एंड्रयू टाय ने इस ओवर की आखिरी गेंद फेंकी और रैना ने उसपर चौका लगाकर भारत को जीत दिला दी। इसी के साथ टीम इंडिया ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया का किसी टी 20 सीरीज़ में क्लीन स्वीप भी कर दिया था।भारत ने आखिरी गेंद पर जो दूसरा मुकाबला जीता वो 2016 में खेले गए टी 20 विश्व कप का मैच था। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी मैदान पर खेले गए उस मैच में भारत का मुकाबला बांग्लादेश की टीम से था। भारत को इस टूर्नामेंट में अपना आगे का सफर तय करने के लिए ये मैच जीतना बेहद जरुरी था, अगर भारत इस मैच को हार जाता, तो इस टी 20 विश्व कप में टीम इंडिया का सफर यहीं पर ही थम जाता।
23 मार्च 2016 को भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए इस मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने इस मैच में खराब बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और कोई भी बल्लेबाज 30 से ज्यादा रन बनाने में सफल नहीं हो सका। भारत की ओर से सबसे ज्यादा सुरेश रैना ने 30 रन बनाए और पूरी टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 146 रन ही बना सकी। बांग्लादेश की टीम ने 147 रनों का पीछा करना शुरू किया। बांग्लादेश के तमीम इकबाल 35 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद शब्बीर रहमान और शाकिब अल हसन ने पारी को संभाला। ये दोनों भी क्रमश: 26 और 22 रन बनाकर आउट हो गए।
बांग्लादेश की टीम को आखिरी 6 गेंदों में 11 रन बनाने थे। बांग्लादेश की ओर से मुशफिकुर रहीम और महमूदुल्लाह बल्लेबाजी कर रहे थे। पांड्या ने आखिरी ओवर फेंका, पहली गेंद पर महमूदुल्लाह ने एक रन लिया। दूसरी और तीसरी गेंद पर मुशफिकुर रहीम ने चौका लगाकर 3 गेंदों में नौ रन बना दिए। अब बांग्लादेश को आखिरी 3 गेंदों पर 2 रन की जरूरत थी। चौथी गेंद पर मुशफिकुर रहीम कैच आउट हो गए। इसके बाद पांचवीं गेंद पर महमूदुल्लाह भी कैच आउट होकर पवेेलियन लौट गए। बांग्लादेश को जीतने के लिए अंतिम गेंद पर 2 रन की जरूरत थी। हार्दिक पांड्या ने गेंद फेंकी और बल्लेबाज़ उसे छू नहीं सका और गेंद सीधे धौनी के हाथों में चली गई। इसी बीच बांग्लादेशी बल्लेबाज रन लेने के लिए दौड़ पड़े और उधर धौनी भी दौड़े और उन्होंने नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज़ से पहले विकेट तक पहुंचकर विकेट उखाड़ी दी। इसी के साथ धौनी ने बांग्लादेश को न सिर्फ टी 20 विश्व कप से बाहर कर दिया बल्कि भारत को हराने के उसके सपने को भी तोड़ दिया।
तीसरा टी 20 मैच जिसमें भारत को जीत मिली वो था निदास टी 20 ट्रॉफी का फाइनल मैच एक समय हार की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम को दिनेश कार्तिक ने आठ गेंद में नाबाद 29 रन की पारी खेलकर भारत को झूमने का मौका दे दिया। भारत ने बांग्लादेश से मिले 167 रन के लक्ष्य को मैच की आखिरी गेंद पर कार्तिक के छक्के की बदौलत हासिल कर लिया। मैच की आखिरी 12 गेंद बची थी और भारत को जीत के लिए अभी भी 34 रनों की दरकार थी और भारत के पांच विकेट गिर चुके थे। इसके बाद कार्तिक ने आखिरी के दो ओवरों में विस्फोटक पारी खेलते हुए बांग्लादेश को नागिन डांस करने से महरूम कर दिया। टी 20 विश्व कप में भारतीय विकेटकीपर धौनी ने आखिरी गेंद पर रन आउट कर बांग्लादेश को जीत से दूर कर दिया था, तो इस बार विकेटकीपर बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक ने बांग्लादेशी टीम के अरमानों पर पानी फेर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.