इराक में 39 भारतीयों की मौत: ‘अपनों’ के इंतजार में भटक रहे परिजन

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जालंधर। इराक के मोसुल में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए मुश्किल घड़ी थमने नहीं रही है। अचानक अपनों की मौत की खबर के बाद अब उनके शवों के लिए वे भटक रहे हैं। अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे मृतकों के परिजन अभी भी प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान उनके चेहरों पर हताशा और अपनों को खोने का दर्द साफ दिख रहा था। इराक में जिन 39 मजदूरों को आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने मौत के घाट उतार दिया था, उनमें परविंदर कुमार और जसबीर सिंह शामिल थे। उनके परिजनों ने बताया कि एसएसपी और डीसी ने उनसे अमृसर एयरपोर्ट पर पहुंचने के लिए कहा। उन्हें बताया गया था कि मृतकों के पार्थिव शरीर लाए जा रहे हैं, लेकिन दो घंटे के इंतजार के बाद भी उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस बारे में उन्होंने कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है। उधर, अपने भाई नंदलाल की मौत की खबर सुनने के बाद मलकिट राम ने डीएनए रिपोर्ट परिवार को दिए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वह विदेश मंत्रालय से उनके भाई के जिंदा या मृत होने का सबूत मांग रहे थे। संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इराक में भारतीयों के मारे जाने की जानकारी देने के बाद कई परिवारों ने स्वराज पर उन्हें अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है। इस पर सफाई देते हुए स्वराज ने कहा कि सरकार ने हमेशा से कहा है कि उनके पास न तो किसी के जिंदा होने के सबूत थे और न ही किसी की मौत के। सरकार ने किसी को भी अंधेरे में नहीं रखा और किसी को झूठी उम्मीद नहीं दी।

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