आयुष्मान भारत पर पहले साल देना होगा 20,000 करोड़ रुपये का प्रीमियम

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मुंबई
गरीबों के लिए मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत के लिए पहले साल में 20,000 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। आने वाले वर्षों में कवरेज बढ़ने पर इसके लिए 50,000 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ सकती है। एक बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी ने बताया, ‘एक्सपीरियंस के आधार पर योजना के मच्योरिटी लेवल के साथ प्राइसिंग में बदलाव होगा।’उन्होंने कहा, ‘शुरू में प्रति परिवार इस स्कीम के लिए प्रीमियम 2,000 रुपये सालाना हो सकता है, जो लंबी अवधि में बढ़कर 5,000 रुपये तक पहुंच सकता है।’उनका कहना है कि सरकार इसमें मौजूदा बीमारियों को भी कवर करना चाहती है। इसलिए प्रीमियम अधिक रह सकता है। जब पॉलिसी होल्डर को कोई बीमारी नहीं होती, तब इंश्योरेंस कंपनियां कम प्रीमियम लेती हैं।कैबिनेट ने बुधवार को आयुष्मान भारत को मंजूरी दी थी। सरकार ने इस स्कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की योजना बनाई है। अगर इसे लागू किया जाता है तो यह दुनिया में इस तरह की सबसे बड़ी स्कीम होगी। केंद्र सरकार इसके लिए 60 पर्सेंट और राज्य 40 पर्सेंट प्रीमियम चुकाएंगे। टेंडर के जरिये प्राइस डिस्कवरी करने पर राज्यों के लिए प्रीमियम अधिक रह सकता है। 10 साल पुरानी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के तहत गरीबी रेखा से नीचे 3 करोड़ परिवारों को फायदा मिल रहा है। राज्यों का तजुर्बा इस स्कीम को लेकर अलग-अलग रहा है।एक अन्य जानकार ने बताया, ‘अगर सभी राज्यों के लिए एक ही प्रीमियम रखा जाता है तो कुछ राज्य कम तो कुछ अधिक भुगतान करेंगे।’ उन्होंने बताया, ‘एक प्रीमियम तय करने से क्रॉस-सब्सिडी की स्थिति बनेगी।’मेडिक्लेम योजना के तहत सरकार कौन से फायदे देना चाहती है, इस पर भी प्रीमियम की रकम निर्भर करेगी।अगर मैटरनिटी, पहले से मौजूद बीमारियों को कवर किया जाता है और वेटिंग पीरियड की शर्त हटा ली जाती है तो सरकार को बीमा कंपनियों को अधिक प्रीमियम का भुगतान करना पड़ेगा। राज्यों की बारगेनिंग पावर का भी प्रीमियम पर असर पड़ेगा। उनके अलग-अलग टेंडर देने या मिलकर टेंडर देने का इस पर असर होगा।कई राज्य पहले से हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम चला रहे हैं। आंध्र प्रदेश में आरोग्यश्री स्कीम, झारखंड और उत्तराखंड में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, ओडिशा में कृषक कल्याण योजना और केरल में कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम चल रही है। यह पता नहीं है कि ये राज्य इन योजनाओं को चलाना जारी रखेंगे या आयुष्मान भारत को अपनाएंगे।

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