कानपुर के डॉक्‍टर जो करते हैं गरीबों का मुफ्त इलाज

0
265

कानपुर
प्रधानमंत्री ने मन की बात में फुटपाथ पर लोगों का फ्री इलाज करने वाले जिन डॉक्टर का जिक्र किया है, उनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है। एमडी करने के बाद 1980 से प्रैक्टिस शुरू करने वाले डॉ अजीत मोहन सक्सेना पिछले एक महीने से चकेरी के चेतना चौराहे पर रोज एक घंटे गरीबों का इलाज करते हैं।
डॉ अजीत कहते हैं, मैंने सारी दुनिया घूम ली। पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी हो गईं। ऐसे में कोई ख्वाहिश नहीं बची। उनके इस सेवा भाव की खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगी तो उन्होंने डॉक्टर के बारे में प्रशासन से पूरी डिटेल मंगवाई और रविवार को मन की बात कार्यक्रम में उनकी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए प्रभाव‍ित
प्रधानमंत्री ने मन की बात में कहा, ‘जब मुझे कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन की कहानी सुनने को मिली कि वह फुटपाथ पर जाकर गरीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ्त दवा भी देते हैं, तब इस देश के बन्धुभाव को महसूस करने का अवसर मिलता है।’ डॉ. अजीत ने बताया कि उनका खुद का अस्पताल है। उन्होंने शहीद सैनिकों के सम्मान में गरीबों का इलाज मुफ्त करने की ठानी।
पिछले एक महीने से वह रोज चकेरी के चेतना चौराहे पर लोगों को सुबह 10-11 के बीच देखते हैं। यहां गरीबों और असहाय लोगों का मुफ्त इलाज करते हैं। उनके पास इलाज के लिए हर तरह के मरीज आते हैं। उन्हें देखने के बाद वह फ्री में सैंपल की दवाएं भी देते हैं। अगर उनकी स्थिति गंभीर होती है तो उन्हें तत्काल सही रास्ता बताते हैं। इतना ही नहीं वह जहां बैठकर इलाज करते हैं वहां वह एक दान पात्र भी रखते हैं। इस पर उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवार के लिए दान लिखकर रखा है। डॉ अजीत कहते हैं कि हर शख्स की जिम्मेदारी है कि वह समाज और गरीबों के लिए कुछ करे।
बच्‍चे हो गए सेटल तो शुरू कर दी सेवा
उन्नाव के मूल निवासी डॉ. अजीत मोहन का जन्म कानपुर में हुआ था। उनके पिता राजेंद्र शंकर चौधरी की गिनती कानपुर के नामी क्रिमिनल लॉयर्स में होती थी। डॉ अजीत ने 1977 में बिहार से एमबीबीएस और कानपुर से एमडी किया। 1980 में प्रैक्टिस शुरू की और चकेरी एरिया में अपना एक नर्सिंग होम खोला। डॉ अजीत 67 साल के हो चुके हैं, वह बताते हैं क‍ि, मेरे बच्चों के सेटल होने के बाद कोई जिम्मेदारी नहीं बची। ऐसे में सोचा कि गरीबों के लिए कुछ किया जाए।
डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया था। वहां से उनसे डॉ अजीत के बारे में पूछा गया जो मरीजों का फ्री इलाज करते हैं। डॉ अजीत ने बताया कि उन्हें पता चला है कि उनके इस काम की बात प्रधानमंत्री तक पहुंची है। पीएमओ से फोन करके उनके बारे में पूछताछ की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.