उत्तर कोरियाई तानाशाह का चीन में शाही स्वागत, ट्रंप से भी बातचीत को तैयार किम जोंग

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बीजिंग: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन अचानक से चीन की यात्रा पर हैं। चीन ने अमेरिका को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के चीन दौरे की जानकारी दी। राष्ट्रपति कार्यालय ने यहां एक बयान जारी कर बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक निजी संदेश में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम को उन के चीन दौरे के बारे में जानकारी दी। किम जोंग उन चीन की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। किम के साथ उनकी पत्नी री सोल जू भी हैं।किम ने अपना परमाणु प्रसार रोकने का संकल्प लिया है। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने तानाशाह किम और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात की तस्वीर भी जारी की है।किम के लिए ‘शाही भोज’ का आयोजन
चीन के राष्ट्रपति शी ने किम जोंग-उन का जोरदार स्वागत किया। शी ने मेहमानों के लिए बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ पीपल’ में ‘शाही भोज’ का आयोजन किया। भोज के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। शी ने किम को पहली चीन यात्रा के लिए बधाई दी।

अमेरिका के साथ शिखर सम्मेलन करेगा किम
किम ने कहा कि उत्तर कोरिया संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत करने और दोनों देशों के बीच एक शिखर सम्मेलन के लिए तैयार है। किम ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण दिया।

किम ने शी को दी बधाई
भोज के बाद किम ने कहा कि मेरी शी जिनपिंग से कई मुद्दों पर सफल वार्ता हुई। मैंने शी के साथ दोनों पक्षों, दोनों देशों के बीच संबंधों के विकास, दोनों देशों की घरेलू स्थिति, कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति और स्थिरता बनाए रखने व अन्य मुद्दों पर बात की है। वहीं शी ने कहा कि किम ने उन्हें लगातार दूसरी बार चीन का राष्ट्रपति चुने जाने पर और सीपीसी केंद्रीय समिति के महाचसचिव और सीपीसी केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) का अध्यक्ष पद प्राप्त करने पर बधाई संदेश भेजा था।

7 साल बाद उत्तर कोरिया से बाहर निकला किम
अपने पिता की मृत्यु के बाद वर्ष 2011 में सत्ता में आने के बाद से यह किम की पहली विदेश यात्रा है। किन ट्रेन पर बैठकर चीन पहुंचे। यह वैसी ही ट्रेन है जिससे किम के पिता किम जोंग इल विदेश यात्रा किया करते थे। इतिहास पर गौर करें तो उत्तर कोरियाई नेता की चीन और अपने पड़ोसी देशों की यात्रा हमेशा गोपनीय रही है। हाल ही में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है। चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का सहयोगी रहा है लेकिन चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। अमेरिका के दबाव के बाद चीन ने उत्तर कोरिया को तेल और कोयला जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति रोक दी थी।

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