चीन में तानाशाह किम का शांति राग, जानिए किन मुद्दों पर हुई बात

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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आमंत्रण पर उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन चीन के चार दिवसीय दौरे पर हैं. वह राष्ट्राध्यक्ष बनने के बाद पहली बार अपने देश से बाहर निकले हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद किम ने दोनों कोरियाई देशों में रिश्तों में सुधार के लिए प्रतिबद्धता जताई और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए दुनिया के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से सहयोग का आह्वान किया. जानिए उनकी इस यात्रा की प्रमुख बातें-वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (WPK) और स्टेट अफेयर्स कमीशन ऑफ द डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) के चेयरमैन किम जोंग उन का 25 से 28 मार्च तक का यह निजी दौरा है. साथ में उनकी पत्नी री सोल जु भी हैं. इस दौरान किम ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप पर हालात तेजी से बदल रहे हैं और कई महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं. इसलिए उन्हें लगा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से आकर कॉमरेड शी जिनपिंग को इसकी जानकारी देनी चाहिए.
चीन-उत्तर कोरिया का कई पीढ़ि‍यों से रिश्ता
मुलाकात के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन-उत्तर कोरिया की दोस्ती पिछली पीढ़ी के नेताओं ने स्थापित की है और यह दोनों देशों के लिए काफी कीमती है. उन्होंने कहा कि चीन की कई पीढ़ि‍यों के नेता कोरिया के नेताओं से करीबी रिश्ते रहे हैं और अक्सर एक-दूसरे से रिश्तेदारों की तरह बातचीत करते रहे हैं. दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे का सहयोग किया है और समाजवाद के विकास के लिए काम किया है. शी ने कहा कि किसी एक घटना से यह ऐतिहासिक रिश्ता नहीं बदल सकता.
क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है चीन
शी ने कहा कि क्षेत्रीय शांति, स्थ‍िरता और विकास के लिए हम मिलकर काम करने के इच्छुक हैं. उन्होंने कहा कि मैं कोरिया के साथ लोगों की आवाजाही, विशेष दूत भेजने और लेटर भेजने आदि के द्वारा लगातार संपर्क बनाए रखने का इच्छुक हूं. दोनों देशों को पार्टी से पार्टी आदान-प्रदान और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग, संचार और पारस्परिक भरोसा बढ़ाने के लिए काम करना होगा.
2050 तक चीन बनेगा महान समाजवादी देश!
दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने एक-दुसरे को अपने-अपने देश के आंतरिक हालात की जानकारी दी. शी ने कहा कि चीन की 19वीं सीपीसी नेशनल कांग्रेस ने सभी पहलुओं में चीन को एक आधुनिक समाजवादी देश बनाने का विशाल खाका तैयार किया है. इसके तहत साल 2020 तक एक उदार संपन्न समाज बनाने, साल 2035 तक आधुनिकीकरण कार्य पूरा कर लेने और इस सदी के मध्य तक चीन को एक ऐसा महान समाजवादी देश बनाने का लक्ष्य है जो संपन्न, मजबूत, लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक रूप से उन्नत, सौहार्दपूर्ण और सुंदर हो.उन्होंने कहा कि चीन कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) सभी नस्लीय समूहों का नेतृत्व करेगा और लगातार दृढ़ता के साथ राष्ट्रीय कायाकल्प के चीनी सपने को पूरा करने के लिए काम करता रहेगा. चीन यह भी चाहता है कि कॉमरेड किम जोंग के नेतृत्व में उत्तर कोरिया राजनीतिक स्थ‍िरता, आर्थ‍िक विकास और खुशहाली की ओर बढ़े.किम जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया में प्रभावी तरीके से आत्म निगरानी और कड़े स्वशासन को बढ़ावा दिया जा रहा है और WPK ने अहंकार, लालफीताशाही, तथा भ्रष्टाचार से निपटने के लिए प्रयास तेज किए हैं.
कोरियाई प्रायद्वीप में हुए सकारात्मक बदलाव!
शी जिनपिंग ने दावा किया कि इस साल कोरियाई प्रायद्वीप में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं और उत्तर कोरिया द्वारा किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों की चीन सराहना करता है. शी ने कहा कि चीन कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु हथियार मुक्त करने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है ताकि वहां शांति और स्थ‍िरता कायम हो और तमाम समस्याओें को बातचीत एवं परामर्श से हल किया जा सके.
चीन ने सभी पक्षों से दोनों कोरियाई देशों के बीच संबंधों में सुधार को समर्थन देने का आह्वान किया और कहा कि शांति वार्ता को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. शी ने कहा कि चीन लगातार इस दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा.
शांति और मेल-मिलाप के लिए प्रतिबद्ध है उत्तर कोरिया
किम ने कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा तनाव कम करने और शांति प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की वजह से तनाव कम हुए हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया दोनों कोरियाई देशों में शांति और मेल-मिलाप के रिश्ते के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों पक्षों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच शिखर सम्मेलन आयोजित करने के प्रयास होंगे.
कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार मुक्त करने के लिए मांगा सहयोग
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया, अमेरिका से भी बातचीत करने और दोनों देशों के राष्ट्रध्यक्षों के बीच शिखर सम्मेलन के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, ‘यदि दक्ष‍िण कोरिया और अमेरिका हमारे प्रयासों पर सदिच्छा से गौर करें, शांति एवं स्थ‍िरता का माहौल तैयार करें तो कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार मुक्त किया जा सकता है.’
उत्तर कोरिया के शासक किम ने कहा कि वह महासचिव शी के दोनों देशों की मैत्री और पार्टियों के बीच संबंधों के विकास के बारे में विचारों से काफी प्रभावित और प्रोत्साहित हुए हैं. किम ने कहा कि उनके इस दौरे का लक्ष्य चीनी कॉमरेडों से मिलना, सामरिक संवाद को बढ़ाना, पार‍ंपरिक रिश्तों को गहरा करना, कॉमरेड शी जिनपिंग से मुलाकात के अवसरों को बढ़ाना और कई अन्य माध्यमों से गहन संपर्क बढ़ाना है.

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