गुड फ्राइडे 2018: क्या भारत में हुई थी ईसा मसीह की मृत्यु, यहां है मकबरा?

0
206

30 अप्रैल को दुनिया भर में गुड फ्राइडे का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि गुड फ्राइडे के दिन ही ईसा मसीह को सूली पर लटका दिया गया था और उनकी मृत्यु हो गई थी। लेकिन इनकी मृत्यु एक रहस्य है। कहते हैं मृत्यु के कुछ दिनों के बाद ईसा फिर से जीवित हो गए थे और अपने अनुयायियों से मिले थे इसदि को ईस्टर के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है।
इन बातों से कुछ विद्वान यह अनुमान लगते हैं कि दरअसल सूली पर चढाए जाने के बाद भी ईसा मसीह की मृत्यु नहीं हुई थी। ऐसी ही धारणा रखने वाले विद्वानों में से एक हैं रूसी स्कॉलर ‘निकोलाई नोटोविच’। इन्होंने ‘द अननोन लाईफ ऑफ जीसस क्राइस्ट’ नामक पुस्तक में लिखा है कि सूली पर चढ़ाए जाने के बाद भी ईसा मसीह जीवित रह गए थे।
इस कारण सूली पर नहीं हुई थी मौत
सूली पर लटकाए जाने के बाद भी जीवित रह जाने का रहस्य क्या था इस बारे में इतिहासकार सादिक ने ‘इकमाल-उद्-दीन’ नामक पुस्तक में लिखा है कि ईसा मसीह कई बार भारत आए थे। अपनी पहली यात्रा में इन्होंने भारत में तांत्रिक साधना और योग का अभ्यास किया था। इसी कारण वह मृत्यु पर विजय पाने में सफल हुए थे।
भारत में ईसा मसीह
सूली पर लटकाए जाने की घटना के बाद ईसा मसीह अपनी माता मैरी के साथ तिब्बत के रास्ते भारत के श्रीनगर में आकर बस गए और 80 साल की उम्र में यहीं इन्होंने शरीर को त्याग दिया। श्रीनगर के रोजा बल बिल्डिंग में आज भी इनका मकबरा है ऐसी मान्यता है।
भविष्य पुराण में ईसा मसीह
हिन्दू धर्म के पौराणिक ग्रंथ भविष्य पुराण के प्रतिसर्ग पर्व के तृ‍तीय खंड के द्वितीय अध्याय में भी ईसा मसीह के भारत आगमन का जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि ईसा मसीह की मुलाकात उस समय के राजा शालिवाहन से हुई थी और इन्होंने उत्तराखंड में काफी समय तक तपस्या और योग साधना का अभ्यास किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.