खुलासाः 22 व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये 700 लोगों तक पहुंचा CBSE का लीक पेपर

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सीबीएसई पेपर लीक मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच को यह पता लगा है कि 22 व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये 700 से ज्यादा लोगों तक लीक पेपर पहुंचे थे। 12वीं का अर्थशास्त्र का लीक पेपर 10 और 10वीं का गणित का पेपर 12 व्हाट्सएप ग्रुप पर डाला गया था। हालांकि, पेपर लीक से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप और लोगों की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।
जांच टीम की अगुवाई कर रहे क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने बताया कि हम मामले की अहम कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। अब तक 60 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें दो कोचिंग सेंटरों से जुड़े टीचर भी तलब किए गए थे।
कई पेपर लीक होने की आशंका
कुछ अन्य विषयों के पेपर भी लीक होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, कई छात्र इससे पहले भी कुछ पेपरों में आए सवाल व्हाट्सएप पर भेजे जाने की बात कह रहे हैं। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि अभी यह कहना संभव नहीं है कि और भी पेपर लीक हुए हैं या नहीं? हमारे पास इन दो लीक पेपरों के अलावा किसी भी अन्य पेपर से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं आए हैं और न ही ऐसी कोई शिकायत मिली है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
क्राइम ब्रांच ने गूगल से मदद मांगी
सीबीएसई पेपर लीक मामले में वह ईमेल आईडी भी सामने आ गई है, जिसका इस्तेमाल सबसे पहले पेपर लीक होने की जानकारी सीबीएसई को देने के लिए किया गया था। क्राइम ब्रांच ने गूगल से इस ईमेल से संबंधित जानकारी मांगी है।
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एफआईआर में भी ईमेल का जिक्र
क्राइम ब्रांच ने सीबीएसई पेपर लीक मामले में 28 मार्च को दर्ज की गई दूसरी एफआईआर में भी इस ईमेल आईडी का जिक्र है। सीबीएसई चेयरमैन की ईमल आईडी chmn_cbse@nic.in पर पहली बार पेपर लीक होने की शिकायत ईमेल आईडी Devn532@gmail.com से भेजी गई थी। ईमेल के साथ हाथ से लिखा 12 पन्नों का नोट भी अटैच किया गया था। गणित की परीक्षा 28 मार्च को थी। यह ईमेल चेयरमैन को 27 मार्च को भेजा गया था।
मोबाइल नंबर की भी जांच
सीबीएसई को 26 मार्च को भेजे गए लीक पेपरों और उससे संबंधित दस्तावेजों के पार्सल पर चार मोबाइल नंबर लिखे थे। चारों मोबाइल नंबर अध्यापकों के हैं, जिनमें से दो अध्यापकों को क्राइम ब्रांच ने तलब किया था, जबकि बाकी की तलाश की जा रही है। चारों नंबर किसी न किसी व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे। दरअसल, सीबीएसई के राउज एवेन्यू ऑफिस में एक कूरियर भी भेजा गया था, जिसमें चार पेज में 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स के प्रश्न पत्र के जवाब लिखे हुए थे। शिकायत में एक कोचिंग सेंटर और 2 स्कूलों पर पेपर लीक करने का आरोप लगाया गया था।
ईमेल-पार्सल और कूरियर भेजने वाला शख्स एक ही
क्राइम ब्रांच का मानना है कि सीबीएसई को ईमेल, पार्सल और कूरियर भेजने वाला शख्स एक ही हो सकता है। उस शख्स की तलाश क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक, मामले के व्हिसल ब्लोअर ने 23 मार्च और 28 मार्च के बीच सीबीएसई को ईमेल, फैक्स और लीक हुए पेपर सहित सभी दस्तावेज पार्सल के जरिये भेजे थे। पार्सल में जिन चार लोगों के मोबाइल नंबर थे, उन पर व्हाट्सएप के जरिये लीक पेपर के प्रश्न पत्र रिसीव करने की बात कही गई थी। इसके बाद 28 मार्च को तड़के सुबह 1 बजकर 39 मिनट पर devn532@gmail.com से सीबीएसई चेयरपर्सन को ईमेल भेजा गया।
परीक्षा के 90 मिनट बाद मामला दर्ज
सीबीएसई ने परीक्षा के 90 मिनट बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। क्राइम ब्रांच का मानना है कि व्हिसल ब्लोअर के जरिये मामले को सुलझाने में मदद मिल सकती है।

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