पश्चिम बंगाल: रामनवमी पर हिंसा के मद्देनजर हनुमान जयंती पर प्रशासन का कड़ा पहरा

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आसनसोल/कोलकाता
पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर भड़की हिंसा को देखते हुए आज हनुमान जयंती पर होनेवाले कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। यह उनके लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि कुछ इलाके अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में हनुमान जयंती पर मंदिरों समेत तमाम संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है।आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों के भीतर वेस्ट बर्धमान में 3 जबकि पूरे बंगाल में 5 लोगों की जान चली गई। पिछले रविवार के बाद वेस्ट बर्धमान में शुक्रवार को पहली बार शांति रही, हालांकि तनाव अब भी बरकरार है। उधर, आसनसोल के हिंसाग्रस्त इलाके से एक और शव मिला है, लेकिन पुलिस का कहना है कि रामनवमी पर हुई हिंसा का इस शव से कोई लेना-देना नहीं है।
कड़ी निगरानी में मनेगी हनुमान जयंती
तनावपूर्ण इलाकों में हनुमान जयंती के मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। हनुमान मंदिरों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। फेसबुक, वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर किसी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी की जा रही है।
बीजेपी प्रतिनिधिमंडल को भी रोकेगा प्रशासन?
उधर, हिंसा और अशांति के बीच सियासत भी थमने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी राज्य की TMC सरकार पर दबाव बना रही है। पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने हिंसा को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। एक दिन पहले पुलिस ने केंद्रीय मंत्री और आसनसोल नॉर्थ से सांसद बाबुल सुप्रियो को हिंसाग्रस्त क्षेत्र में जाने से रोक दिया था। इलाके में धारा 144 लगाई गई है। माना जा रहा है कि अगर बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल पाबंदी हटने से पहले आसनसोल जाने की कोशिश करता है तो प्रशासन आगे भी अपने इसी रुख पर कायम रहेगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अपने घरों में ‘कैद’ हैं लोग
6 दिन पहले रामनवमी पर हिंसा को देखते हुए शनिवार को हनुमान जयंती के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है। ज्यादातर स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को खुद को अपने ही घरों में बंद रखा। पुलिस ने वीरान हुए बाजार में गश्त की है। शुक्रवार को सब्जी बाजार में कुछ व्यापारियों ने थोड़ी देर के लिए दुकानें खोलीं लेकिन लोग अब भी डरे हुए हैं। यहां नाई ज्यादातर हिंदू हैं और वे मुस्लिम इलाकों में जाने से डर रहे हैं जबकि मुसलमान बाजार में जाने से डर रहे हैं जहां ज्यादातर व्यापारी हिंदू हैं।
हथियारों के प्रदर्शन पर पाबंदी
इस मौके पर प्रशासन ने शोभायात्राओं में हथियारों के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाई है। सभी जिलों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। इसके अलावा बांग्लादेश बॉर्डर पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
कोलकाता में कम निकलेगी शोभायात्रा
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कोलकाता में पिछले साल निकाली गई 71 हनुमान शोभायात्रा की तुलना में इस बार काफी कम शोभायात्रा निकलेगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में शोभायात्रा 30 फीसदी कम निकलेगी। दरअसल, कुछ इलाके ऐसे हैं जहां रामनवमी पर हिंसा के बाद हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं।

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