2016 बिहार टॉपर घोटाला: ED ने मुख्य आरोपी बच्चा राय की करोड़ों की संपत्ति कुर्क

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वर्ष 2016 में बिहार में हुए टॉपर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने इस मामले में मुख्य आरोपी बच्चा राय के 29 प्लॉट और दस बैंक खातों में जमा राशि समेत 4.53 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। बच्चा राय के खिलाफ धन शोधन निरोधक अधिनियम( पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सीबीएसई के 10वीं और 12वीं कक्षा के दो प्रश्नपत्र लीक हो गए और पुलिस दोषियों की तलाश कर रही है। बता दें कि साल 2016 में हुए बिहार टॉपर घोटाला मामले में वैशाली जिले में विशुन रॉय कॉलेज के संचालक बच्चा राय पर आरोप है कि उसने बिहार में बच्चों को टॉप कराने के लिए उनसे पैसे लेकर परीक्षा में धांधली कराई थी। यह घोटाला तब सामने आया जब आर्ट्स श्रेणी में टॉप करने वाली विशुन रॉय कॉलेज की छात्रा रूबी राय मामूली से सवालों का जवाब भी नहीं दे पाई थी और उसने पॉलिटिकल साइंस को प्रौडिगल साइंस बताया था। घोटाले से शर्मसार हुई राज्य सरकार ने मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए थे। इस जांच में बच्चा राय और बिहार स्टेट एजुकेशन बोर्ड के तमाम अधिकारियों के मिलीभगत से छात्रों के रिजल्ट बदले जाने की बात सामने आई थी। साथ ही इस मामले में यह खुलासा भी हुआ था कि बच्चा राय ने परिणाम बदलवाने की रिश्वत के रूप में छात्रों से बड़ी राशि वसूली थी।
संपत्ति में दिखाया था 70 गुना का इजाफा
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय को भी इस घोटाले की जांच के लिए लगाया गया, जिसके बाद बच्चा राय के पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति होने का शक जताया गया था। इसी बीच जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी को राय की पत्नी और बेटी के नाम पर खरीदी गई कई संपत्तियों की भी जानकारी मिली थी। जांच के बीच ही बच्चा राय की पत्नी संगीता राय ने अपने आयकर रिटर्न में कृषि के जरिये होने वाली आय में करीब 70 गुना इजाफा दिखाया था। इससे शक और बढ़ा। बाद में इस रिटर्न के आधार पर ही एजेंसी ने संपत्तियों की जांच शुरू कराई थी, जिसके बाद शनिवार को बच्चा राय और उनके परिवार की तमाम संपत्तियों को जब्त किया गया।
29 प्लॉट समेत 4.53 करोड़ की संपत्ति जब्त
बच्चा राय के 29 प्लॉट और दस बैंक खातों में जमा राशि समेत कुल 4.53 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इसके अलावा राय की पत्नी संगीता और बेटी शालिनी के नाम पर बैंक में जमा राशि, पटना में एक फ्लैट और हाजीपुर में राय परिवार के दो मंजिला मकान को भी कुर्क कर लिया गया है। ईडी ने बताया कि साल 2017 में बिहार टॉपर घोटाले में अवैध वित्तीय लेनदेन का शक होने के कारण प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में जांच जारी है और आने वाले समय में कई और बड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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