CBSE पेपर लीक: प्रश्नपत्र ऑनलाइन भेजने की मॉक ड्रिल पर शिक्षकों ने सवाल उठाए

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को 10वीं और 12वीं के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्र भेजने की व्यवस्था बेहतर करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। हालांकि कई स्कूल के प्राचार्यों ने इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पासवर्ड से प्रश्नपत्र ऑनलाइन भेजे गए
सीबीएसई ने शुक्रवार को राजधानी के स्कूलों को इस मॉक ड्रिल के लिए निर्देश भेजा। बोर्ड ने कहा कि सभी केंद्रों के वरिष्ठ अधिकारी अपने कंप्यूटर स्टाफ और परीक्षा संयोजकों के साथ दो बजे स्कूलों में पहुंचे। इन लोगों के स्कूल में पहुंचने के बाद उनको पंजीकृत मेल आईडी पर पहले एक यूआरएल (यूनिफॉर्म रिसोर्स आइडेंटिफायर) भेजा गया। सीबीएसई मुख्यालय से भेजा गया यह यूआरएल सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित पासवर्ड से खुल रहा था। इसकी सुरक्षा को देखते हुए बोर्ड ने दो पासवर्ड दिए थे। पहला पासवर्ड दो बजकर 45 मिनट पर स्कूलों को भेजा गया, जबकि दूसरा पासवर्ड तीन बजे भेजा गया। इससे पेपर के चारों सेट खुल गए और उनका 150 प्रश्नों का प्रिंट निकालकर 4 बजे तक स्कूल से बोर्ड को भेजे गए।
शिक्षकों ने सवाल उठाए
सीबीएसई की परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र भेजने की प्रक्रिया पर शिक्षकों ने सवाल उठाए हैं। एक स्कूल के प्राचार्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचाने की यह प्रक्रिया बहुत लंबी है। स्कूलों में इतने प्रिंटर नहीं है कि 400-500 बच्चों के लिए प्रश्नपत्र तुरत प्रिंटकर निकाला जा सके। यही नहीं प्रश्नपत्र निकालने के बाद उसके सेट बनाने में भी समय लग रहा था। उन्होंने कहा कि उनके यहां प्रिंट निकालने के लिए न तो बेहतर प्रिंटर था और न ही इंटरनेट की स्पीड इतनी बेहतर थी कि प्रश्नपत्रों को तुरंत डाउनलोड किया जा सके। ऐसे में अगर कुछ दिक्कत हुई तो पासवर्ड के जरिये ऑनलाइन प्रश्नपत्र भेजने की प्रक्रिया से छात्रों तक प्रश्नपत्र प्रिंट कराकर पहुंचाने में देरी भी हो सकती है।
अभी तक ऐसे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते थे प्रश्नपत्र
अभी तक परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न पत्र बैंक से लाए जाते हैं। बैंक में प्रश्न पत्र सीबीएसई पहुंचाती है। परीक्षा वाले दिन सुबह स्कूल के प्रतिनिधि, बैंक प्रतिनिधि और सीबीएसई के प्रतिनिधि तीनों की मौजूदगी में प्रश्न पत्र को बैंक के लॉकर से निकाला जाता है। जिस स्कूल को बोर्ड की परीक्षा केंद्र बनाया जाता है, बैंक उस स्कूल के नजदीक होते हैं। ऐसे बैंक को कस्टोडियन बैंक कहा जाता है। इन बैंकों का चुनाव भी सीबीएसई करती है और इसकी सूचना परीक्षा केंद्र वाले स्कूल को भेज दी जाती है। बोर्ड की परीक्षा शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले स्कूल के प्राचार्य, बोर्ड के मुख्य परीक्षक और परीक्षा में निगरानी के लिए शामिल होने वाले शिक्षकों की मौजूदगी में प्रश्न पत्र खोला जाता है। इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कर तुरंत सीबीएसई को भेजी जाती है।

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