इसरो प्रमुख ने कहा, ‘सैटलाइट से सम्पर्क स्थापित होने की उम्मीद अभी बाकी है’

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नई दिल्ली
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के चेयरमैन डॉक्टर के सिवन ने कहा हाल ही में लॉन्च किए गए Gsat-6A के स्पेस एजेंसी का सम्पर्क टूट गया है, लेकिन स्पेस एजेंसी की तरफ से फिर से सम्पर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। डॉ. सिवान ने कहा कि सैटलाइट से सम्पर्क स्थापित करने की उम्मीद अभी बाकी है।
हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में डॉक्टर सिवान ने कहा, ‘सफलतापूर्वक काफी देर तक फायरिंग के बाद जब सैटलाइट तीसरे और अंतिम चरण के तहत 1 अप्रैल 2018 को सामान्य ऑपरेटिंग की प्रक्रिया में था, इससे हमारा संपर्क टूट गया। सैटलाइट GSAT-6A से दोबारा लिंक के लिए लगातार कोशिश की जा रही है।’उन्होंने कहा कि हमारी टीम सैटलाइट से सम्पर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘सैटलाइट से सम्पर्क टूटना बेहद आम बात है, लेकिन इस बार सम्पर्क काफी समय से टूटा हुआ है। यहां तक कि यदि सैटलाइट की प्राइमरी पावर खत्म हो गई है तो हम उसे सोलर पावर से कनेक्ट कर सकते हैं, लेकिन उसके लिए उसका सम्पर्क में आना बेहद जरूरी है।’सैटलाइट से सम्पर्क फिर से स्थापित होने की उम्मीद लगाते हुए इसरो प्रमुख ने कहा, ‘जीसैट-6ए अभी नियंत्रण से बाहर नहीं हुआ है। हमें पूरी उम्मीद है कि सैटलाइट से सम्पर्क फिर से स्थापित हो जाएगा।’ सैटलाइट की वर्तमान लोकेशन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘दूसरी सैटलाइट और अन्य जरियों से हमें स्पेस में सैटलाइट की करीब-करीब सही लोकेशन का पता है।’
आपको बता दें कि 2140 किलो वजनी जीसैट-6ए संचार सैटलाइट को ले जाने वाले जीएसलवी एमके-द्वितीय (जीएसएलवी – एफ08) को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया गया था। यह इस प्रक्षेपण यान की 12वीं उड़ान थी। इसरो के अनुसार, जीसैट-6ए सैटलाइट की लॉन्चिंग का मकसद रक्षा उद्देश्यों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराना है।सैटलाइट में 6 मीटर चौड़ा ऐंटेना है, जो सैटलाइट में लगने वाले सामान्य ऐंटेना से तीन गुना चौड़ा है। यह हैंड हेल्ड ग्राउंड टर्मिनल के जरिए किसी भी जगह से मोबाइल कम्यूनिकेशन को आसान बनाएगा। अभी तक जीसैट-6 कम्यूनिकेशन सर्विस प्रदान करता आया है।

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