जनवरी मार्च तिमाही में प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट 49 फीसद गिरकर 3.7 बिलियन डॉलर पर आया: रिपोर्ट

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जनवरी-मार्च तिमाही में निजी इक्विटी निवेश 49 फीसद घटकर 3.7 अरब डॉलर रह गया। ऐसा मोटे तौर पर बड़े टिकट लेनदेन की कमी के कारण हुआ है। ऐसा एक रिपोर्ट के जरिए सामने आया है।

वेंचर इंटेलिजेंस के डेटा के मुताबिक, निजी इक्विटी फर्मों ने साल 2018 की पहली तिमाही में करीब 133 डील के जरिए 3.7 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। जबकि साल 2017 की समान अवधि में 200 डील के जरिए यग आंकड़ा 7.3 बिलियन का रहा था। दिसंबर 2017 की तिमाही की तुलना में निवेश की राशि 29 फीसद कम थी, जिसमें 152 ट्रांजेक्शन के जरिए 5.2 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया था। इन आंकड़ों में वेंचर कैपिटल निवेश शामिल हैं, लेकिन रियल एस्टेट में पीई निवेश को शामिल नहीं किया गया है।

वेंचर इंटेलिजेंस के सीईओ अर्जुन नटराजन ने बताया, “नवीनतम तिमाही में सिर्फ 9 पीई निवेश किए गए जिसकी राशि 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक रही जबकि बीते वर्ष की समान अवधि में इस तरह के 13 लेनदेने हुए थे।” उन्होंने सॉफ्टबैंक का हवाला दिया जो कि साल 2017 में फ्लिपकार्ट, पेटीएम, ओला और ओयो पर अपने मेगा ई-कॉमर्स दांव के साथ हावी रहा, ने इस साल के शीर्ष 10 सौदों को इसमे शामिल नहीं किया।

2018 में अभी तक दिग्गज जापानी निवेशक फर्म की ओर से जो भारत में निवेश किया गया है उसमें ई-ग्रॉस्टर ग्रॉफर्स में 61 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले छोटे अनुवर्ती निवेश है।

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