कर्नाटक की चुनावी सभा में बोले राहुल गांधी : नरेंद्र मोदी देश में साम्प्रदायिकता के बीज बो रहे

0
114

बेंगलुरु. राहुल गांधी ने कर्नाटक के शिवमोगा में चुनावी सभा के दौरान साम्प्रदायिकता का मुद्दा उठाया। उन्होंने जन आशीर्वाद यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका को सिर्फ भारत और चीन ही चुनौती दे सकते थे, लेकिन मोदी ने देश की इस ताकत को नहीं समझा। वे देश में साम्प्रदायिक के बीज बो रहे हैं। राहुल मंगलवार से दो दिन के कर्नाटक दौरे पर हैं। यहां 12 मई को वोटिंग और 15 मई को नतीजे आएंगे। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार पर घंटों बोलते हैं, लेकिन उनके दोनों ओर ऐसे ही नेता बैठे रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अमित शाह के बेटे की कंपनी 50 हजार से 80 करोड़ तक कैसे पहुंच जाती है? विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी को देश से किसने भागने दिया? राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। सीबीएसई और एसएससी के पेपर लीक हो जाते हैं। चुनाव की तारीखें लीक हो जाती हैं। ये सब स्थितियां देश की मौजूदा सरकार की देन हैं। मंगलवार को राहुल ने सबसे पहले शिवमोगा में रैली की। यह भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा का गढ़ माना जाता है। दावनगिरी के जिहोन्नाली, हरिहारा और बाथी में भी उनकी सभाएं हैं। बुधवार को चित्रादुर्गा जिले के होलालाकेरे, तुमाकुरु और रामनगर में रैली करेंगे। इसके बाद वे सिद्धगंगा मठ में शिवकुमार स्वामी से मुलाकात करेंगे। वे 111 साल के हो गए हैं। शनिवार को ही स्वामीजी का जन्मदिन था। बता दें कि 26-27 मार्च को अमित शाह भी इस मठ में आए थे। राहुल अब तक राज्य के 4 दौरे कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 15 मंदिरों के दर्शन किए। वे यहां सॉफ्ट हिंदुत्व के साथ बाकी धर्मों पर भी फोकस कर रहे हैं। इसलिए वे दरगाह और चर्च भी जा रहे हैं। राहुल ने पिछले दौरे के वक्त मंगलुरु में रोजारियो चर्च गए थे। उल्लल दरगाह पर चादर भी चढ़ाई थी। अमित शाह भी मंगलवार को यहां आने वाले थे, लेकिन देश भर में हो रहे दलित आंदोलन की वजह से उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है कर्नाटक?
सिर्फ 4 राज्यों में कांग्रेस की सरकार:कर्नाटक, पंजाब, मिजोरम और पुड्डुचेरी (केंद्र शासित)। इनमें कर्नाटक आबादी और क्षेत्रफल दोनों मामलों में सबसे बड़ा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यहां अपनी सरकार बचाना काफी अहम है। कर्नाटक के बाद 3 राज्यों में चुनाव: कर्नाटक के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर राहुल गांधी कर्नाटक मेें अपनी सरकार बचा लेते हैं तो इसका फायदा उन्हें अन्य राज्यों में भी मिलेगा। 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भी कर्नाटक के चुनाव काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here