चंद्रबाबू नायडू ने विपक्षी एकता की टटोली नब्ज, 10 से ज्यादा दलों के नेताओं से मिले

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तेलगुदेशम पार्टी के प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दो दिनों के दिल्ली प्रवास के दौरान विपक्षी एकता की नब्ज टटोलने की कोशिश की। इस दौरान वे दस से ज्यादा दलों के अहम नेताओं से मिले। हालांकि इन मुलाकातों में तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई लेकिन नायडू के इस महासंपर्क अभियान को तीसरे मोर्चे की भावी तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है।नायडू मंगल और बुधवार को दिल्ली में महासंपर्क अभियान में डटे रहे। जिन प्रमुख विपक्षी नेताओं से उनकी मुलाकातें हुई उनमें एनसीपी नेता शरद पवार, नेकां के फारुख अब्दुल्ला, तृणमूल के डेरेक और सुदीप बंदोपाध्याय, सपा के रामगोपाल यादव, अन्नाद्रमुक केवी मैत्रेयन, भाकपा के डी. राजा, माकपा के मोहम्मद सलीम, टीआरएस के जितेन्द्र रेड्डी, बीजद के बी. माहताब शामिल हैं। वे कांग्रेस और शिवसेना के नेताओं से भी मिले। नायडू ने बुधवार को आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की। तेलुगू देशम पार्टी के राज्यसभा सांसद सीएम रमेश ने बताया कि केजरीवाल ने विश्वास दिलाया कि संसद के दोनों सदनों में उनकी पार्टी के सदस्य आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर टीडीपी का समर्थन करेंगे।नायडू ने इन मुलाकातों के बाद कहा कि सिर्फ आंध्र प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने विपक्षी दलों से राज्य के विशेष दर्जे और केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर समर्थन मांगा। एनडीए सरकार से नाता तोड़ने के बाद पहली बार नायडू ने दिल्ली आकर एक साथ इतने दलों से संपर्क साधा है। इसलिए यह माना जा रहा है कि यह विपक्ष को एकजुट करने की शुरुआत है। भले ही अभी मुख्य मुद्दे को दूर रखा गया। वैसे, भी संसद सत्र अब खत्म होने को है और अविश्वास प्रस्ताव पर कुछ होने की उम्मीद नहीं है।माकपा सांसद मोहम्मद सलीम के अनुसार अभी तीसरे मोर्चे के गठन की कोई शुरुआत नहीं हुई है। लेकिन विपक्ष का एकजुट होना जरूरी है। इसलिए नायडू की मुलाकातों को इन्हीं तैयारियों खासकर विपक्षी एकजुटता के रूप में देखा जा रहा है। राम मंदिर को लेकर सुलह की कोशिशें फिर शुरू, PM मोदी से मिलेंगे पक्षकार बता दें कि नायडू लगातार ममता बनर्जी के संपर्क में हैं। ममता भी पिछले दिनों दिल्ली में आई थी और शरद पवार समेत कई नेताओं से मिली थी। सवाल यह भी है कि क्या शरद पवार गैर कांग्रेसी तीसरे मोर्चे के केंद्र बिन्दु बनने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अभी तीसरे मोर्चे की मुहिम भले ही तेज नहीं हो पाई हो लेकिन नायडू, ममता और पवार के आगामी कदमों पर नजर रहेगी। नायडू के बारे में पता चला है कि वे जल्द ममता बनर्जी और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक से भी मिलने वाले हैं।

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