एटीएम व्यवस्था का बुरा हाल, कहीं बंद तो कहीं लंबी कतार

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राजधानी पटना के अधिसंख्‍यक एटीएम काम नहीं कर रहे हैं। सबसे खराब स्थिति एसबीआइ की है। ग्राहक परेशान होकर इधर-उधर दौड़ रहे हैं।
पटना । ग्राहकों की राहत के लिए शहर में लगी अधिसंख्य एटीएम मशीनें या तो खराब हैं या उनमें कैश नहीं है। महीने का पहला सप्ताह बैंक ग्राहकों पर भारी पड़ रहा है। वेतन तो खाते में आ गया है, लेकिन इसकी निकासी मुश्किल हो गई है। लोग एटीएम-दर-एटीएम भटक रहे हैं। तीन-चार जगह जाने पर किस्मत अच्छी रही तो रुपया निकल गया वरना…। एटीएम व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। जिस एटीएम में पैसे रहते हैं, उनमें लंबी कतार लग जा रही है। कुछ देर में वहां भी ‘नो कैश’ बोर्ड लटक जा रहा है।
पाटलिपुत्र कॉलोनी में बुरा हाल
पाटलिपुत्र कालोनी ग्राउंड के सामने कई एटीएम हैं। वंदना देवी एसबीआइ के एटीएम पर नजर डालती हैं। इसका शटर गिरा है। बगल में सेंट्रल ऑफ इंडिया के एटीएम में जाती हैं। यहां भी निकासी नहीं हो रही है। इसी के बगल में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक का एटीएम है। इसमें से निकल रहे एक सज्जन से वे पूछती हैं-पैसा निकल रहा है? जवाब मिलता है -नहीं। तभी एक बाइक सवार आवाज देता है-सड़क पार कर कोटक महिन्द्रा बैंक के एटीएम में जाइए, वहां पैसा है।
बैंक हुए गरीब और एटीएम कंगाल, तंत्र रो रहा रुपयों की कमी का रोना
पटना जंक्शन पर लंबी कतार
पटना जंक्शन पर कुल चार एटीएम हैं। यहां इंडियन ओवरसीज बैंक का एटीएम खराब है। शाम चार बजे मैकेनिक इसे दुरुस्त करने में लगे थे। देना बैंक का भी एटीएम है। यह बंद था। एसबीआइ का एटीएम भी खराब था। सिर्फ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम खुला था। इस पर लंबी कतार लगी थी। यात्री चिल्ला रहे थे-जल्दी कीजिए, ट्रेन छूट जाएगी।
कंकड़बाग में कहीं खुला कहीं बंद
कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड स्थित एसबीआइ के एटीएम का भी शटर डाउन था। शाम साढ़े तीन बजे आधा दर्जन ग्राहक यहां खड़े मिले। सभी एक दूसरे से पूछ रहे थे- खराब है क्या? एक ग्राहक ने कहा- खराब होगा तभी न शटर गिरा दिया गया है। गार्ड ने बताया कि यहां पैसा नहीं है।
रामलखन पथ में एक्सिस बैंक, आइडीबीआइ, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, अशोक नगर में आइसीआइसीआइ बैंक, पंचशिवमंदिर स्थित एचडीएफसी का एटीएम चालू मिला। चिरैयाटाड़ पुल के दक्षिण छोर स्थित देना बैंक के एटीएम का शटर गिरा था। वहीं, एएन कॉलेज के पास एसबीआइ के एटीएम का शटर गिरा था, जबकि पीएनबी के एटीएम से निकासी हो रही है।
बैंकों ने कहा आरबीआइ से नहीं मिल रहा रुपया
भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के अध्यक्ष (बिहार-झारखंड सर्किल) उमाकांत सिंह ने कहा कि रुपये की भारी किल्लत है। करेंसी चेस्ट के लिए आरबीआइ से पर्याप्त रुपया नहीं मिल रहा है। साढ़े बारह हजार करोड़ रुपये की क्षमता के विरुद्ध एसबीआइ में ढाई हजार करोड़ रुपये बैलेंस रहता है। इसी वजह से एटीएम में क्षमता से कम रुपये डाले जा रहे हैं, और यह जल्द ही खत्म हो जा रहे हैं।
ग्राहक परेशान हैं। रुपये की कमी की वजह से कई शाखाओं में विवाद हो रहा है। उधर, आरबीआइ की ओर से कहा गया कि रुपये का शार्टेज नहीं है। जरूरत के हिसाब से सभी बैंकों को रुपया दिया जा रहा है।

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