रेलवे की ऑनलाइन से ‘ऑनट्रैक’ तक व्यवस्था लचर, यात्री परेशान

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लखनऊ
रेलवे के नैशनल ट्रेन इंक्वॉयरी सिस्टम (एनटीईएस) के गुरुवार आधी रात से शुक्रवार सुबह तक ठप रहने से हजारों ट्रेन यात्रियों को परेशान होना पड़ा। लेट ट्रेनों के बारे में उन्हें न तो ऑनलाइन व ऐप से जानकारी मिल सकी और न ही स्टेशन के पूछताछ काउंटर्स पर। इससे नाराज पैसेंजर्स ने शुक्रवार तड़के चारबाग स्टेशन पर हंगामा भी किया।रेलवे ने साढ़े बारह बजे से शुक्रवार तड़के पांच बजे तक एनटीईएस बंद कर दी। इसके चलते लोगों को ट्रेनों के आवागमन की जानकारी मिलनी बंद हो गई। यहां तक कि ऑनलाइन रिजर्वेशन का काम भी ठप रहा। लम्बी दूरी की लेट आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही रात गुजारनी पड़ी। रेल यात्री पूरी रात पूछताछ कार्यालय के चक्कर काटते रहे।कोटा-पटना सहित दर्जनभर ट्रेनें लेट
एससी एसटी आंदोलन के बाद ट्रेनों की बिगड़ी चाल अब तक नहीं सुधरी है। शुक्रवार को कोटा-पटना एक्सप्रेस और नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस 31 घंटे तक लेट हो गई। इनके अलावा दर्जनभर ट्रेनों के घंटों लेट आने से उनमें सफर करने वाले हजारों यात्री परेशान हुए।वहीं ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर रात गुजारनी पड़ी। कोटा-पटना एक्सप्रेस (13240) कई दिनों से लेट चल रही थी। यह ट्रेन गुरुवार की जगह शुक्रवार को 31 घंटे लेट होकर लखनऊ पहुंची। इसके साथ ही नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस भी 31 घंटे देरी से आई। ट्रेन में न्यू जलपाईगुड़ी जाने के लिए लखनऊ से आरक्षण कराने वाले दर्जनों यात्रियों को पूरी रात स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ी।पटरियों का रखरखाव करेगी डाइनैमिक टैम्पिंग एक्सप्रेस
रेलवे अब पटरियों के रखरखाव के लिए 09-3 एक्स डाइनैमिक टेम्पिंग एक्सप्रेस मशीनों का उपयोग करेगा। मेक इन इंडिया के तहत पहली तीन मशीनें देश में ही असेम्बल की गई हैं। इनके लिए रेलवे बोर्ड के सदस्य इंजिनियर एमके गुप्ता, पीसीई नवीन चोपड़ा और रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक एके खंडेलवाल ने खासा उत्साह दिखाया है।सीपीआरओ नितिन चौधरी ने बताया कि 27 करोड़ रुपये की लागत वाली हर मशीन एकीकृत टेम्पिंग मशीन है। इनसे पटरियों के निरीक्षण, मॉनिटरिंग, पटरी बिछाने और अनुरक्षण कार्यों को पूरी तरह से मकैनाइज किया जा सकेगा।

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