भागलपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे को मिली जमानत

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पटना. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को नाथनगर हिंसा मामले में जमानत मिल गई है। एडीजे सुमित रंजन सिंह की अदालत ने अर्जित को जमानत दी । गौरतलब है कि कोर्ट ने अर्जित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उनपर भागलपुर के नाथनगर में हिंसा फैलाने का आरोप है। अर्जित ने 31 मार्च को देर रात करीब 12 बजे पटना के महावीर मंदिर के पास सरेंडर किया था।
39 दिन तक किसी जुलूस में न होंगे शामिल
कोर्ट ने अर्जित समेत 8 आरोपियों को जमानत दी है। सभी आरोपी अभी भागलपुर के कैम्प जेल में बंद हैं। प्रभारी सेशन जज कुमुद रंजन सिंह की अदालत ने आरोपियों को दो शर्त पर जमानत दी। जज ने कहा कि जेल से निकलने के बाद सभी आरोपी 39 दिन तक किसी भी जुलूस में न शामिल होंगे और न ही जुलूस का नेतृत्व करेंगे। अदालत ने सबों को 10-10 हजार के दो निजी मुचलका दाखिल करने को कहा। इससे पहले सुबह 11 बजे करीब आधे घंटे तक दोनों पक्ष ने बहस की। आरोपी के वकील ने कहा कि बिना सबूत के अर्जित पिछले एक सप्ताह से जेल में हैं, जबकि सरकारी वकील ने कहा कि केस डायरी में पर्याप्त प्रमाण है। जमानत नहीं दिया जाय।
कौन हैं अर्जित?
अर्जित शाश्वत केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री) के बेटे हैं। अर्जित रातोंरात हिंदुत्व का चेहरा बनकर उभरे। अर्जित शाश्वत पर भागलपुर के नाथनगर में हिंसा फैलाने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
– 17 मार्च को हिंदू नववर्ष की शोभा यात्रा के दौरान भागलपुर के चंपानगर में दो पक्षों के बीच रोड़ेबाजी, आगजनी, फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना में पुलिस जवान समेत कई लोग घायल हो गए थे।
– मामले में एएसआई हरिकिशोर सिंह ने अर्जित समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची पुलिस को अदालत ने अधूरा बताते हुए लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली गई?
कब-क्या हुआ?
17 मार्च 2018: भारतीय नववर्ष समिति के बैनर तले नववर्ष जागरण शोभायात्रा का नेतृत्व करने के आरोप में नाथनगर थाने के एएसआई हरिकिशोर सिंह ने आठ अन्य के साथ आरोपियों बनाते हुए केस दर्ज किया।
21 मार्च 2018 : अर्जित के खिलाफ अरेस्ट वारंट के लिए कोर्ट पहुंची नाथनगर थानेदार को वारंट प्रपत्र अधूरा बताते हुए अदालत ने लौटा दिया था। उस समय पुलिस ने सिर्फ अर्जित पर ही वारंट की अर्जी लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने एतराज जताते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अर्जी क्यों नहीं डाली?
22 मार्च 2018 : अदालत के आदेश के बाद नाथनगर थानेदार ने सभी आरोपियों के खिलाफ वारंट की अर्जी लगाई लेकिन केस डायरी साथ में नहीं लगाया। जिस पर कोर्ट ने अर्जी वापस कर दी।
23 मार्च 2018 : जुलूस में आपत्तिजनक गाना बजाने वाले डीजे संचालक बबलू मंडल व सुखराज हाईस्कूल में बमबाजी मामले में अफवाह फैलाने वाले जानिसार अख्तर उर्फ टिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
24 मार्च 2018 : एसीजेएम कोर्ट ने अर्जित समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
26 मार्च 2018 : अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद अर्जित शाश्वत ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया।
27 मार्च 2018 : अग्रिम जमानत अर्जी पर बहस के बाद कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी की मांग की।
28 मार्च 2018 : अर्जित के साथ बवाल मामले के अन्य 8 आरोपियों ने भी अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की।
31 मार्च 2018 : भागलपुर कोर्ट ने अर्जित शाश्वत की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
31 मार्च 2018 : शनिवार देर रात करीब 12 बजे अर्जित ने पटना में सरेंडर कर दिया।
1 अप्रैल 2018 : सीजेएम कोर्ट ने अर्जित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा।
9 अप्रैल 2018 : एडीजे कोर्ट से अर्जित शाश्वत को नाथनगर हिंसा मामले में जमानत मिली।

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