बीजापुर में ब्लास्ट : बस के बीच का हिस्सा उड़ता तो ज्यादा नुकसान हो सकता था फोर्स को

0
101

जगदलपुर/बीजापुर.नक्सली सुरक्षा बल के जवानों की गाड़ियों को विस्फोट में आसानी से उड़ाने के लिए ऐसी जगह पर आईईडी लगा रहे हैं जहां वाहन की रफ्तार अत्यंत धीमी हो और वे आसानी से टारगेट को उड़ा सकें। नक्सलियों के लिए विस्फोट करने के लिए सबसे आसान रास्ता पुल-पुलिया और घुमावदार सड़क को चुन रखा है।अब तक उन्होंने जितने भी बड़े विस्फोट किए हैं वहां उन्होंने ऐसे ही मार्गों का उपयोग किया है। सोमवार को पुलिस जवानों से भरी मिनी बस को निशाना बनाने के लिए भी नक्सलियों ने गुदमा और तुमला के बीच मौजूद नाले को चुना। सोमवार को हुई दो घटनाओं में नक्सलियों ने पहली घटना में विफल रहने पर दूसरे विस्फोट में नक्सलियों ने बस के आगे चल रहे बाइक सवार जवानों को जाने दिया फिर जवानों से भरी बस को नाले के पास टारगेट कर विस्फोट किया जहां बस की गति धीमी थी। समझा जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे के विरोध में लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
पहले सीआरपीएफ जवानों को घेरने किए दो ब्लास्ट, फिर उड़ाई बस, इसमें 2 शहीद
नक्सलियों ने नेमेड़ से 5 किमी दूर गुदमा और तुमला के बीच नाले के पास जवानों से भरी मिनी बस को निशाना बनाया जिसमें दो जवान शहीद हो गए जबकि 7 घायल।
बजे बीजापुर से 6 किमी दूर महादेव घाट ( शिवमंदिर) के पास नक्सलियों ने सीआरपीएफ की 85वीं बटालियन को निशाना बनाकर एक के बाद एक दो विस्फोट किए पर कोई हताहत नहीं हुआ। इस वक्त सीआरपीएफ के जवान महादेव घाट से भोपालपट्‌टनम की ओर रवाना हो रहे थे। यहां काफी देर मुठभेड़ चली। यूबी जेल के गोले दागे तो नक्सली भागे।
पिता को बेटे के शहीद होने की खबर मिली तो डरते हुए टीवी चालू किया और बेहोश
बीजापुर के भैरमगढ़ थाने में पदस्थ 40 वर्षीय आरक्षक लवण गावड़े सोमवार को नक्सली हमले में शहीद हो गए। उनके पिता रंजन गावड़े रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी हैं। जो दल्लीराजहरा में पत्नी भागो बाई के साथ रहते हैं। उन्हें बेटे की मौत की खबर नहीं थी। पड़ोसियों ने दोपहर 12 बजे टीवी देखने के बाद उन्हें आकर बताया तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उल्टा वे पड़ोसियों को डांटने लगे। फिर खुद डरते घबराते टीवी चालू किए और बेटे की शहीद की पुष्टि देख बेहोश हो गए। पड़ोसियों ने उन्हें संभाला। दल्ली थाने में उनके साले राजेंद्र मंडावी आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं उन्होंने बताया थाने पर टीवी पर मैंने भी खबर देखी। दीदी संगीता को फोन किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here