ऐमजॉन के भारतीय सेलर्स को मिलेगा पाकिस्तान में कारोबार फैलाने का मौका

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विशाल दत्ता/मुग्धा वरियार, अहमदाबाद
भारत ऐमजॉन की मदद से पाकिस्तान में अपना बिजनस फैला सकता है। पाकिस्तान की जानी-मानी ई-कॉमर्स पोर्टल क्लिक.पीके में ऐमजॉन अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर काम कर रहा है। अगर ऐमजॉन इसमें सफल हो जाता है तो पाकिस्तान में भारत के रजिस्टर्ड सेलर्स अपने प्रॉडक्ट्स बेच पाएंगे। क्लिकी में ऐमजॉन की पहले से ही लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो उसे 2017 में दुबई की ऑनलाइन रिटेलर सॉक के अधिग्रहण से हासिल हुई थी। सॉक ने 2016 के अंतिम दिनों में पाकिस्तानी कंपनी में निवेश किया था।मामले के जानकार सूत्र ने कहा, ‘अगर ऐमजॉन और क्लिकी का सौदा हो जाता है तो इंडियन मर्चेंट्स को पाकिस्तान में ज्यादा माल बेचने का मौका मिलेगा। माल की डिलिवरी दुबई के रास्ते की जा सकेगी जहां सॉक का बेस है।’ पाकिस्तान ने ऐसे 1200 सामान की लिस्ट बनाई हुई है, जिनका भारत से इंपोर्ट नहीं किया जा सकता। इसके चलते खासतौर पर दुबई और कभी-कभार अफगानिस्तान के रास्ते दोनों देशों के बीच इनफॉर्मल ट्रेड को बढ़ावा मिला है।ICRIER के 2016 के पेपर के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच फिस्कल इयर 2013 में $4.7 अरब का ट्रेड हुआ था और इसमें बड़ा हिस्सा भारत से निर्यात का था। उस साल दोनों देशों के बीच $2.6 अरब का फॉर्मल ट्रेड रहा था जो फिस्कल इयर 2017 में घटकर $2.3 अरब रह गया था। सूत्रों ने ईटी को बताया, ‘बहुत से भारतीय एफएमसीजी प्रॉडक्ट्स पाकिस्तान में लोकप्रिय हैं, लेकिन इनमें बड़ा हिस्सा कच्चामाल, अनब्रैंडेड फूड आइटम्स, क्लोदिंग और जूलरी का है।’सूत्र ने बताया कि आमतौर पर ये प्रॉडक्ट्स भारत से दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचते हैं। ये कराची के बड़े इंपोर्टर ट्रेडर्स के मार्फत देशभर बेचे जाते हैं। ऐमजॉन ने इस खबर के लिए कॉमेंट देने से मना कर दिया है जबकि क्लिकी.पीके को भेजे गए ईमेल का जवाब खबर लिखे जाने तक नहीं मिल पाया था। क्लिकी में स्टेक बढ़ाने पर उस बाजार में ऐमजॉन की पकड़ मजबूत होगी जिस पर चीन का अलीबाबा भी नजर गड़ाए बैठी है। ब्लूमबर्ग की पिछले महीने की रिपोर्ट के मुताबिक अलीबाबा रॉकेट इंटरनेट की कंपनी दराज में स्टेक खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। दराज पाकिस्तान की सबसे बड़ी ऑनलाइन कॉमर्स प्लैटफॉर्म्स में एक है।क्लिकी को 2015 में मैनचेस्टर बिजनस स्कूल के मैनेजमेंट ग्रैजुएट्स मुहम्मद खालिद और शहजाद शेराजी ने शुरू किया था। 2017 में 10 करोड़ डॉलर के पाकिस्तानी ई-कॉमर्स मार्केट में इसका कॉम्पिटिशन रॉकेट इंटरनेट की दराज से है।

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