कावेरी विवाद: चेन्नई में आईपीएल मैच के दौरान सांप छोड़ने की धमकियां, 5 मैच दूसरी जगह शिफ्ट हो सकते हैं

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नई दिल्ली. कावेरी नदी के जल विवाद पर विरोध के बाद चेन्नई के एमए चिंदबरम स्टेडियम में होने वाले आईपीएल के सभी मैच दूसरी जगह शिफ्ट किए जा सकते हैं। शेडयूल के मुताबिक, यहां 6 मैच प्रस्तावित थे, लेकिन इनमें से एक मैच मंगलवार को हो गया। चेन्नई ने कोलकाता को 5 विकेट से हरा दिया था। स्टेडियम के बाहर विरोध के चलते इस मैच का टॉस 13 मिनट देर से हुआ था। मैच के दौरान ग्राउंड पर जूते फेंके। चेन्नई टीम की जर्सी को जलाया गया। पुलिस ने कार्रवाई कर दो लोगों को स्टेडियम से अरेस्ट भी किया था। अब धमकियां दी जा रही है कि आगे मैच होंगे तो मैदान पर सांप छोड़े जाएंगे।
एमए चिंदबरम स्टेडियम में खेले जाने हैं 5 मैच
– एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, बाकी बचे 5 मैच दूसरी जगह शिफ्ट किए जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक ये तय नहीं हुआ है, ये कहां होंगे।
बाकी 5 मैच:
– अप्रैल 20: चेन्नई vs राजस्थान
– अप्रैल 28: चेन्नई vs मुंबई
– अप्रैल 30: चेन्नई vs दिल्ली
– मई 13: चेन्नई vs हैदराबाद
– मई 20: चेन्नई vs पंजाब
एक मैच खेला:
– 10 अप्रैल: चेन्नई vs कोलकाता। चेन्नई ने कोलकाता को 5 विकेट से हरा दिया था।
350 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, चेन्नई सुपर किंग्स की पीली जर्सी जलाई
– आईपीएल के विरोध में मंगलवार को तमिझागा वाझवुरिमाई काची (टीवीके), नाम तामिझार और विदुथलाई चिरुथाइगल जैसे संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एमए चिदंबरम स्टेडियम के बाहर धरना देने की भी कोशिश की। मैच देखने के लिए आए लोगों को परेशानी हुई। कुछ वक्त स्टेडियम के आसपास जाम भी लगा रहा। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। साथ ही करीब 350 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया।
– आईपीएल मैच के विरोध में टीवीके कार्यकर्ताओं ने चेन्नई सुपर किंग्स की पीली जर्सी और आईपीएल के टिकट तक जला डाले। कई लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार के विरोध में नारेबाजी की। सुरक्षा के मद्देनजर स्टेडियम के बाहर 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन?
– सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी के पानी के सही बंटवारे के लिए 16 फरवरी के फैसले में केंद्र को 29 मार्च तक कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड का गठन करने के आदेश दिए थे। कोर्ट का कहना था कि उसके आदेश का सही पालन हो, उसके लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार एक मैनेजमेंट बोर्ड बनाए। हालांकि, मसौदा तैयार करने में देरी के चलते कई तमिल संगठन सरकार के विरोध में सड़कों पर आ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सिलसिले में सरकार को फटकार लगाई है।
देरी के विरोध में उतरे थे फिल्मस्टार
– कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड के गठन में देरी के लिए तमिलनाडु में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। 8 अप्रैल को तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने भी मौन व्रत कर विरोध जताया। सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन समेत कई फिल्मी हस्तियां इसमें शामिल हुईं। रजनीकांत ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि जब तक केंद्र तमिल जनता की मांग नहीं मान लेती, उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आईपीएल के मैचों में चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) को भी विरोध के तौर पर काले बैज लगाकर खेलना चाहिए।
विवाद पर कोर्ट ने क्या फैसला दिया था?
– कोर्ट ने 16 फरवरी के अपने फैसले में कर्नाटक के पानी के हिस्से को बढ़ाते हुए इसे 284 टीएमसी फीट कर दिया था। वहीं तमिलनाडु को कावेरी बेसिन में जमीन के नीचे मौजूद 20 टीएमसी फीट पानी में से 10 टीएमसी फीट पानी इस्तेमाल करने की भी इजाजात दी थी।

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