रेलवे में अब मॉडर्न किचन, बासी खाने की शिकायतें दूर होंगी

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रेल यात्रियों की दशकों पुरानी बासी खाना मिलने की शिकायतें दूर होने जा रही है। रेल मंत्रालय मॉडर्न बेस किचन बना रहा है। यहां से यात्रियों को ट्रेन में ताजा, स्वादिष्ट व स्वच्छ खाना की आपूर्ति की जाएगी। रेलवे ने 16 से अधिक मॉडर्न किचन तैयार कर लिए हैं। देशभर में 50 साल से अधिक नए मॉर्डन किचन बनाने की योजना है।
रेल मंत्रालय ने फरवरी 2017 में घोषित नई खानपान नीति में खाना पकाने और ट्रेन में खाना आपूर्ति करने के कार्य को पृथक कर दिया है। इसके मुताबिक खाना पकाने के लिए खानपान क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों को ठेके दिए जांएगे। जबकि ट्रेनों में खाने की आपूर्ति कंपनी के प्रोफेशनल से कराया जाएगा। रेलवे का माना है कि दोनों कार्यो के अलग-अलग करने से रेलवे में कैटरिंग माफिया का वर्चस्व समाप्त होगा। साथ ही कैटरिंग क्षेत्र के नए खिलाड़ियों को मौका मिलेगा।रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि मॉडर्न किचन से ट्रेनों में खाना आपूर्ति करने के काम में अभी वक्त लगेगा। क्योंकि ट्रेनों में खानपान के ठेके समाप्त होने के बाद ही नई व्यवस्था लागू होगी। उन्होंने बताया कि जम्मू, इलाहाबाद, कोटा, झांसी, मुंबई सेंट्रल, सियालदह सहित 16 बेस किचन को मॉर्डन बनाने का काम पूरा हो गया है। देश में ऐसे 50 से अधिक मॉडर्न किचन रेलवे स्टेशनों के पास बनाए जाएंगे। उक्त स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों को खाने की आपूर्ति मॉडर्न किचन से की जाएगी।उन्होंने बताया कि किचन में खाना पकाने की आधुनिक मशीनें लगी हैं। इसमे आटा गूंथने से लेकर रोटी पकाने की मशीनें होगी। इससे हजारों लोगों को खाना कुछ घंटों में पकाया जा सकेगा। खास बात यह है कि खाना पकाने के समय स्वच्छता बनी रहेगी।

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