1 घंटा, 42 सांसद और यूं सवालों के जवाब देते रहे जकरबर्ग

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वॉशिंगटन
डेटा लीक मामले में अमेरिकी संसद में पेश हुए फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग को सांसदों के तल्ख सवालों का सामना करना पड़ा। डेटा लीक मामले पर US सांसद काफी सुर्ख चेहरों के साथ जकरबर्ग पर सवालों की बौछार कर रहे थे। एक घंटे से ज्यादा तक चले इस सवाल-जवाब के दौरान 42 सांसदों ने फेसबुक संस्थापक से कई सवालों के जवाब मांगे। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप से लेकर भारत और पाकिस्तान में आगामी आम चुनावों तक उनसे सफाई मांगी गई।
भारतीय चुनाव में बरतेंगे सर्तकता
सेनेट कॉमर्स ऐंड जूडिशरी कमिटियों के सामने पेश हुए जकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी ली और चुनावों के दौरान लोगों का भरोसा बहाल बनाए रखने की बात कही। जकरबर्ग ने साथ ही कहा कि भारत में आगामी चुनावों के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाएगी।
US राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप पर भी दी सफाई
इस दौरान सेनेटर्स लगातार जकरबर्ग की दलीलों को चुनौती देते रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप पर जकरबर्ग ने कहा, ‘रूस में कुछ लोग ऐसे हैं जिनका काम हमारे सिस्टम को खराब करना और अन्य इंटरनेट व्यवस्था को खराब करना है।’ उन्होंने कहा, ‘यह हथियारों की होड़ जैसा है। वे लगातार बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमें भी बेहतरी के लिए निवेश करने की जरूरत है।’ बता दें कि जकरबर्ग ने पहले माना था कि साल 2016 में हुए अमेरिकी चुनावों में गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने में फेसबुक असफल रहा था।
जकरबर्ग से सवाल-दर-सवाल
डेमोक्रैट सांसद बिल निल्सन ने जकरबर्ग से कहा, ‘अगर फेसबुक और अन्य ऑनलाइन कंपनियां लोगों की प्रिवेसी को नहीं संभाल सकती तो हम ऐसा करेंगे।’
कई सांसदों ने जकरबर्ग से पूछा कि कैसे थर्ड पार्टी कंपनियों ने फेसबुक से निजी जानकारी हासिल कीं। कॉमर्स कमिटी के चेयरमैन जॉन टूने ने पूछा, ‘मि. जकरबर्ग आपने एक ऐसी कंपनी बनाई जिसपर सभी को गर्व है। लेकिन आपने क्या किया? आपकी जिम्मेदारी बनती है और आप किसी की निजी जानकारी को सार्वजनिक कैसे कर सकते हैं।’
सेनेटर लिंडसे ओ. ग्राहम ने जकरबर्ग के सहयोगी और फेसबुक के उपाध्यक्ष एंड्रयू वासवर्थ द्वारा 2016 में लिखे गए मेमो पर भी सवाल पूछे। सेनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने फेसबुक संस्थापक से पूछा, ‘आप अपना बिजनस मॉडल कैसे चेंज करेंगे जबतक आप अपना रास्ता नहीं बदलेंगे?’
कैम्ब्रिज एनालिटिका पर यह बोले जकरबर्ग
जकरबर्ग ने कहा, ‘हम जांच कर रहे हैं कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने क्या गोपनीय जानकारी जुटाई। अब हमें पता है कि उन्होंने किसी ऐप डिवेलपर से खरीद कर लाखों लोगों की जानकारी, जैसे नाम, प्रोफाइल पिक्चर्स और फॉलो किए जाने वाले पेजों की जानकारी गलत तरीके से जुटाई गई।’
जकरबर्ग ने कहा, ‘2016 चुनाव के बाद, हमारी प्रमुखता दुनिया भर के चुनावों में सतर्कता बरतने की है।’ जकरबर्ग ने यह भी खुलासा किया कि फेसबुक साल 2016 के चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को लेकर जारी जांच में भी सहयोग कर रहा है। हालांकि, उन्होंने इसे बेहद गोपनीय मसला बताया और इसके अलावा कोई जानकारी नहीं दी।
‘फेसबुक को बनाएंगे फुलप्रूफ’
अमेरिकी कांग्रेस में पेशी के दौरान जकरबर्ग ने कहा, ‘हमारी यह जिम्मेदारी है कि केवल टूल्स ही ना बनाएं, बल्कि यह भी आश्वस्त करें कि उन टूल्स का इस्तेमाल अच्छे के लिए हो। यह स्पष्ट है कि हम टूल्स का इस्तेमाल गलत चीजों के लिए होने से रोक नहीं पाए। फेक न्यूज, हेट स्पीच, चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप, डाटा की निजता जैसे नुकसान को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाए। हम अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से नहीं निभा पाए। यह बड़ी गलती है और मैं माफी मांगता हूं। मैंने फेसबुक शुरू किया, मैं इसे चलाता हूं और यहां जो कुछ भी होता है उसके लिए मैं ही जिम्मेदार भी हूं।
प्रिवेसी का रखेंगे ध्यान
उन्होंने कहा, ‘हम आश्वस्त करते हैं कि भारत में आगामी चुनावों के दौरान सतर्कता बरतने में अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। डेटा प्राइवेसी और चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप ही वह सबसे बड़े मसले हैं, जिनका सामना कंपनी करती है। इन अधिकारों को अच्छे से निभाने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है।’

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