कैंडल मार्च: इंसाफ के लिए उतरी बच्ची, कहा-8 साल की हूं, आसिफा जितनी

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रात के पौने एक बजे जब बच्चे गहरी नींद में सो रहे होते है। उस वक्त आठ साल की बच्ची कैंडल थामे इंडिया गेट के पास चुपचाप अपनी माँ के साथ चल रही है। मीडिया के कैमरों और भीड़ से बेखबर वो अपनी धुन में है। तभी अचानक एक रिपोर्टर ने उसके मुंह पर माइक लगा दिया। रिपोर्टर ने बच्ची से पूछा, बेटा यह कैंडल किसलिये पकड़ी है? आसिफ़ा के लिए? उसका लहजा सख्त था। उसके बॉडी लैंग्वेज से यह रटा रटाया जवाब नही लग रहा था। उन्नाव-कठुआ गैंगरेप: राहुल गांधी ने निकाला कैंडल मार्च, सरकार पर बरसे’बेटा किस क्लास में पढती हो, कितने साल की हो?’ इस बार रिपोर्टर ने दो सवाल एक साथ किये। इस पर बच्ची ने जवाब दिया। थर्ड में पढ़ती हूँ। आठ साल की हूँ, बिल्कुल आसिफ़ा के जितनी। बच्ची का जवाब दिल को झकझोरने वाला था। रिपोर्टर ने पूछा आप किसलिये यहाँ आई हैं? वो बोली, आसिफ़ा को इंसाफ दिलाने के लिए। मैंने कल उसके बारे में टीवी पर देखा है।’अब माइक उसके मुंह से हट चुका था। वो भीड़ में आगे बढ़ गई। लेकिन, छोटी बच्ची के ये जवाब हमारे समाज के लिए बड़े सवाल हैं। इतनी छोटी उम्र की बच्चियां जब अपनी उम्र या खुद से छोटी बच्चियों के साथ घटनाएं होते देखती हैं, तो उनके बालमन पर कैसा असर पड़ रहा है। छोटी बच्चियों के अभिभावक किस तरह के डर में जी रहे हैं। कांग्रेस दल के नेताओं के मन मे भले ही हम और आप नहीं झांक सकते, लेकिन उस बच्ची की आंखें साफ़ साफ़ कह रही हैं कि हमे सुरक्षित माहौल दें। हमें हमारा बचपन जीने दें।

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