बायोमैट्रिक सिस्टम में भारत आगे, लेकिन ‘आधार’ की सुरक्षा को और ठोस करे सरकार: आईएमएफ

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वॉशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने गुरुवार (12 अप्रैल) को कहा कि भारत को आधार जैसे वृहद पहचान कार्यक्रम के क्रियान्वयन में गोपनीयता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए. आईएमएफ ने जैविक पहचान प्रणाली के मामले में भारत को अग्रणी बताया है. आईएमएफ ने डिजिटल सरकार पर वित्तीय निगरानी रिपोर्ट में कहा कि डिजिटलीकरण से मजबूत प्रशासन और वित्तीय पारदर्शिता अमल में लायी जा सकती है. इससे बजट प्रक्रियाओं एवं वित्तीय नीतियों के प्रति सार्वजनिक जागरूकता एवं जांच भी सुनिश्चित होती है.आईएमएफ ने कहा कि भारत में जैविक पहचान और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान ने एलपीजी छूट की खामियों को कम करने में मदद की है. रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘जैविक पहचान प्रणाली आधार में 1.2 अरब पंजीकृत नागरिकों के साथ भारत इस क्षेत्र में अग्रणी है.’’ हालांकि, उसने जोर दिया कि सरकार को वृहद पहचान कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में गोपनीयता तथा सुरक्षा नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए.सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा, आधार मनी लॉन्ड्रिंग को कैसे रोकेगा?वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (11 अप्रैल) को केंद्र सरकार से पूछा कि आधार अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली धन शोधन की समस्या पर लगाम कैसे कसेगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने यह सवाल उस समय पूछा जब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा उससे कहा गया कि हवाला लेनदेन और धन शोधन की समस्याएं वैश्विक चिंताएं हैं और उन पर काबू करने में आधार मददगार साबित होगा. यह पीठ आधार और इससे जुड़े 2016 के कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. पीठ का सुनवाई का 11 अप्रैल को 27वां दिन था.सरकार ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने 33 हजार करोड़ रुपये पता लगाया है जिन पर पहले कभी कर नहीं लगा. यह आधार के साथ पैन कार्ड ‘स्वैच्छिक रूप से जोड़े जाने से’ संभव हुआ और अगर उनको जोड़ना अनिवार्य बनाया गया तो इसमें ‘बहुत’ इजाफा हो सकता है.सरकार ने कहा कि पैन को आधार संख्या से जोड़ने से आयकर चोरी, कालेधन का प्रचलन और इसका प्रयोग रुकेगा. इसके अलावा कर चोरी के उद्देश्य से दो पैन कार्ड का प्रचलन भी रुकेगा. पीठ ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि धन शोधन एक समस्या है. एकमात्र सवाल जिसका जवाब दिया जाना चाहिए कि आधार धनशोधन कैसे रोकेगा. यूआईडीएआई की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आधार को पैन कार्ड, बैंक खातों तथा अन्य सुविधाओं से जोड़ने से अधिकारियों को धन शोधन के वैश्विक खतरे से असरदार तरीके से निपटने में मदद मिलेगी.

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