कठुआ गैंगरेप: आरोपियों की अपील- हमारा नार्को टेस्ट कराएं; बच्ची के पिता की मांग- राज्य से बाहर हो सुनवाई

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नई दिल्ली/जम्मू.कठुआ में 8 साल की बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या के 7 आरोपियों को सोमवार को जिला और सत्र न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने खुद को बेकसूर बताया और उनका नार्को टेस्ट कराने की मांग की। कोर्ट ने केस की अगली सुनवाई 28 अप्रैल तय की है। उधर, इस केस के आठवें नाबालिग आरोपी ने कोर्ट में अपनी जमानत का आवेदन दिया। इस पर सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची के पिता की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने केस की सुनवाई जम्मू-कश्मीर से बाहर कराने की अपील की है।

पीड़ित पक्ष की वकील बोलीं- माहौल निष्पक्ष सुनवाई के लायक नहीं

– पीड़ित पक्ष की वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, “माहौल निष्पक्ष सुनवाई के लायक नहीं है। माहौल एकतरफा हो गया है।”
– उन्होंने कहा, “पुलिस ने बहुत बढ़ित काम किया है। उन्होंने न सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि इसके वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए।”
– सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित परिवार और उनकी पैरवी कर रही वकील को सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश दिया है।

– बता दें कि जम्मू-कश्मीर के जिला और सत्र न्यायालय में पीड़ित पक्ष की पैरवी वकील दीपिका सिंह राजावत कर रही हैं। उन्होंने अंजान लोगों से धमकी मिलने की बात कही थी।

मुस्लिम का केस लड़ने पर हिंदू विरोधी कहा जा रहा

– राजावत ने कहा, ”मुझे उन्होंने (बार एसोसिएशन के वकील) अलग-थलग कर दिया है। कोर्ट में प्रैक्टिस करने तक से रोका जा रहा है। मैं नहीं जानती कि आगे कैसे गुजारा करूंगी। मुस्लिम लड़की के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने पर मुझे हिंदू विरोधी कहकर समाज से निकालने की बातें हो रही हैं।”

बीसीआई का पैनल वकीलों से जुड़े विवाद की जांच करेगा

– उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने कहा है कि वकीलों से जुड़े विवाद की जांच के लिए काउंसिल ने एक पैनल बनाया है। जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के वकीलों पर आरोपियों का सपोर्ट करने का आरोप है। जिन्होंने 10 अप्रैल को पुलिस को चार्जशीट पेश करने से रोका था।

सरकार ने सिख समुदाय के वकील नियुक्त किए

– बता दें कि आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों में एक नाबालिग भी है। एसआईटी ने उसके खिलाफ अलग चार्जशीट दाखिल की है। नियमों के तहत कठुआ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट सेशंस कोर्ट भेजेंगे। वहीं, नाबालिग के खिलाफ उन्हीं के कोर्ट में सुनवाई चलेगी।

– इस संवेदनशील केस के हिंदू-मुस्लिम का रंग लेते देख महबूबा सरकार ने पैरवी के लिए सिख समुदाय के दो स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर नियुक्त किए हैं।

आरोपी के परिवार ने कहा- सीबीआई से जांच करवाओ, फिर सरेआम फांसी दे देना

-कठुआ कांड का मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे सांझी राम के परिवार ने कहा है कि मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए। उसमें दोषी मिलने पर भले ही सांझी राम और उसके बेटे को सरेआम फांसी दे देना। भूख हड़ताल पर बैठी सांझी राम की बेटी ने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग को मीडिया दोषियों को बचाने अौर जांच में रुकावट डालने की कोशिश क्यों दिखा रहा है।

भाजपा के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे सीएम ने किए मंजूर

– राज्यपाल को भेजे दुष्कर्म के आरोपियों के समर्थन में हुई रैली में जाकर विवादों में घिरे भाजपा के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को मंजूर कर लिए। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा के इस्तीफे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने सीएम को भेजे थे। इन्हें तत्काल मंजूर कर राज्यपाल एनएन वोहरा के पास भेज दिया गया।

क्या है मामला?

– कठुआ जिले के रासना गांव में अल्पसंख्यक बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची से जनवरी में बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप किया गया। बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
– गांव में स्थित एक मंदिर के 60 साल का सेवादार सांझी राम समेत 8 लोग आरोपी हैं। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
– 10 अप्रैल को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। तब वकीलों ने पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने से रोका। इसके बाद ही इस मामले ने तूल पकड़ा।

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