नरम पड़े चीन के तेवर? साझा सैन्य अभ्यास का दिया प्रस्ताव

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नई दिल्ली
डोकलाम विवाद के बाद चीन ने अपने तेवरों में नरमी दिखाते हुए भारतीय सेना के साथ अभ्यास का प्रस्ताव दिया है। इस सैन्य अभ्यास को चीन ने डोकलाम विवाद से ठीक पहले बिना कोई कारण बताए स्थगित कर दिया था। लेकिन अब डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन के दौरे से पहले चीन का यह स्टैंड उसके रवैये में बदलाव का संकेत देता है। अगले सप्ताह सीतारमन पेइचिंग के दौरे पर जाने वाली हैं। डोकलाम में बर्फ पिघलने से कुछ दिन पहले ही यह प्रस्ताव चीन ने दिया है। चीन ने अपने आधिकारिक प्रस्ताव में कहा है कि दोनों देशों की सेनाएं इस साल के अंत तक कभी साझा सैन्य अभ्यास कर सकती हैं।
डोकलाम: चीन ने फिर किया दावा, कहा- शांति से सुझले विवाद
24 अप्रैल को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन में हिस्सा लेने के लिए सीतारमन पेइचिंग में होंगी। इस संबंध में उनकी चीनी डिफेंस मिनिस्टर वेइ फेंघे से भी बातचीत हो सकती है। एससीओ के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए इसी दौरान सुषमा स्वराज भी पेइचिंग में होंगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच सालाना सैन्य अभ्यास स्थगित चल रहा है। आमतौर पर हर साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच रक्षा सचिव स्तर की बैठक में सैन्य अभ्यास का शेड्यूल तय होता है।
डोकलाम: चीन का दावा, ‘सिर्फ भारतीय सेना पीछे हटी’
2016 के अंत में भारत ने चीन के साथ 2017 में सैन्य अभ्यास का प्रस्ताव दिया था, लेकिन चीन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इसके चलते अभ्यास का समय तय करने वाले सचिव स्तर की वार्ता तय नहीं हो सकी और जून, 2017 तक डोकलाम में चीनी सेना उतर गई थी। इसके बाद फिर पूरा साल बिना किसी बातचीत के ही गुजर गया। यही नहीं डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं करीब 70 दिन तक आमने सामने डटी रहीं, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।इस बार चीन ने साझा अभ्यास का प्रस्ताव दिया है। यदि दोनों मंत्रियों के बीच प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो इसके बाद सचिव स्तर की वार्ता होगी और फिर अगले कुछ महीनों के भीतर ही तारीख तय होगी। बता दें कि डोकलाम पठार पर अब भी चीनी सैनिक निर्माण कार्य की कोशिश में हैं, जिस पर भारतीय सेना की पैनी नजर है।

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