नरोदा पटिया नरसंहार: कौन है बाबूभाई पटेल उर्फ बाबू बजरंगी?

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अहमदाबाद के नरोदा पाटिया केस में गुजरात हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इस केस में दोषी बाबू बजंरगी की उम्र कैद की सजा बरकार रखी गई है। बजरंगी को पूरी उम्र जेल में रहना होगा। 16 साल पहुले हुए इस नरसंहार के मामले में 97 लोगों की मौत हुई थी। गुजरात में साल 2002 दंगों में बाबू बजरंगी सुर्खियों में रहा।बाबूभाई पटेल अर्फ बाबू बजरंगी गुजरात के दंगों के समय बजरंग दल का नेता था। दंगों के दो साल बाद बजरंगी विश्व हिंदू परिषद् में शामिल हो गया और इसके बाद विश्व हिंदू परिषद् छोड़कर शिवसेना के साथ जुड़ गया। बाबू बजरंगी एक बार फिर चर्चा में साल 2007 में आया, जब एक स्टिंग ऑपरेशन में बाबू बजरंगी को कहते हुए देखा गया कि किस तरह गुजरात दंगों के समय उसने हिंसा भड़काने में अहम भूमिका निभाई।
बम और बंदूकें मुहैया कराई
एक स्टिंग ऑपरेशन में बजरंगी ने अपनी तारीफ करते हुए कहा था कि किस तरह उसने अहमदाबाद में 28 फरवरी 2002 को मुसलमानों के नरसंहार के लिए भीड़ को उकसाया और साथ ही बम और बंदूकें भी मुहैया कराई थी।
इसलिए भड़काया था दंगा
बाबू बजरंगी ने इस नरसंहार का कारण 27 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाए जाने को बताया था। साबरमती एक्सप्रेस में 59 कार सेवकों की जलने से हुई मौत हो गई थी। बजरंगी ने स्टिंग में कहा, जो कुछ भी हुआ था मैं उसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था और अगले दिन हमने उसका जबाव देकर बदला लिया।

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