महाभियोग प्रस्ताव: अधूरी तैयारी से उतरी कांग्रेस, विपक्षी दलों में फूट, पार्टी के भीतर भी मतभेद

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नई दिल्ली
कांग्रेस पार्टी ने भले ही 71 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव का नोटिस उपराष्ट्रपति को सौंप दिया है, लेकिन विपक्ष में अब भी इसके पक्ष में एकजुटता नहीं दिखती। कांग्रेस ने सीपीएम, सीपीआई, एसपी, बीएसपी, एनसीपी और मुस्लिम लीग के समर्थन का पत्र उपराष्ट्रपति को सौंपा है। लेकिन, बिहार में पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल लालू प्रसाद की आरजेडी और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस उसके इस प्रस्ताव के साथ नहीं नजर आ रहे। दोनों दलों ने महाभियोग को लेकर हुई मीटिंग में भी हिस्सा नहीं लिया।
प्रस्ताव का समर्थन करने वाली प्रमुख वामपंथी पार्टी सीपीएम में भी इसे लेकर मतभेद की स्थिति दिख रही है। एक तरफ सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने प्रस्ताव का समर्थन देने की बात कही तो सीनियर लीडर प्रकाश करात ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी ही नहीं है। बता दें कि ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजेडी पहले से ही इस प्रस्ताव के समर्थन में नहीं है।यही नहीं खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद की स्थिति दिखती है। सीनियर लीडर और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि वह इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं। वहीं, मनमोहन सिंह को लेकर पार्टी का कहना है कि हमने उनके साइन इसलिए नहीं कराए हैं क्योंकि वह पूर्व पीएम हैं और उनकी संवैधानिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उन्हें इससे परे रखा गया है।
खुर्शीद बोले, महाभियोग की चर्चा में मैं शामिल नहीं
कांग्रेस नेता खुर्शीद ने महाभियोग प्रस्ताव को लेकर कहा, ‘महाभियोग एक गंभीर मामला है। मैं चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल नहीं हूं।’ खुर्शीद ने कहा कि ‘न्यायपालिका से हर कोई सहमत नहीं हो सकता है, यहां तक कि खुद न्यायपालिका के जज आपस में सहमत नहीं होते हैं। कोर्ट के फैसले भी पलट दिए जाते हैं।’ खुर्शीद ने कहा कि मुझे उम्मीद है और पूरा विश्वास भी कि यह नहीं होगा। खुर्शीद ने कहा कि हमें ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए, जो संस्थानों को नुकसान पहुंचाता हो।

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