IPL 2018: छह में से पांच मैच हार चुकी है दिल्‍ली, एंड्रयू टाई ने बताया कैसे जीती KXIP

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दिल्ली डेयरडेविल्स को आईपीएल—11 में अब तक छह मैचों में पांच हार का सामना करना पड़ा और तेज गेंदबाज लियाम प्लंकेट का मानना है कि अभी टीम को एक अच्छी जीत की सख्त जरूरत है जिससे कि बेहतर परिणाम हासिल करने के लिये लय बन सके। डेयरडेविल्स कल यहां फिरोजशाह कोटला में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में जीत के काफी करीब पहुंच गया था। उसे अंतिम गेंद पर छह रन की दरकार थी लेकिन श्रेयस अय्यर मिड आफ पर कैच दे बैठे। कैगिसो रबाडा के चोटिल होने पर डेयरडेविल्स की टीम में शामिल किये गये प्लंकेट ने हार को निराशाजनक करार दिया लेकिन उन्हें उम्मीद है कि टीम जल्द ही पटरी पर लौटेगी।प्लंकेट ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, अभी टूर्नामेंट में काफी मैच बचे हुए हैं। हमें केवल एक अच्छी जीत की दरकार और यह लय हमें बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद करेगी। प्लंकेट का यह आईपीएल में पहला मैच था जिसमें उन्होंने प्रभावशाली गेंदबाजी की और तीन विकेट लिये। उनके शानदार प्रदर्शन से दिल्ली ने पंजाब को आठ विकेट पर 143 रन ही बनाने दिये लेकिन बल्लेबाजों की नाकामी के कारण उसे हार का सामना करना पड़ा जिससे पूरी टीम को निराशा हुई।प्लंकेट ने कहा, ‘इतने करीबी मैच में हारना वास्तव में निराशाजनक था। हमें यह मैच जीतना चाहिए था लेकिन क्रिकेट में ऐसा होता है। आप 39 ओवर तक अच्छा खेलते हो, लेकिन आप मैच का अंत कैसे करते हो यह महत्वपूर्ण होता है। यह वास्तव में हम सभी के लिये निराशाजनक है।”” इंग्लैंड का यह तेज गेंदबाज हालांकि अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन से खुश है। उन्होंने अच्छी फार्म में चल रहे केएल राहुल और मयंक अग्रवाल को आउट करने के बाद खतरनाक दिख रहे करूण नायर को भी पवेलियन भेजा।

प्लंकेट ने कहा कि 2016 में आईसीसी टी20 विश्व कप में खेलने का अनुभव उनके काम आया और वह परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में सफल रहे।
उन्होंने कहा, आईपीएल में अपना पहला मैच खेलना बहुत अच्छा रहा। मैं टीम की तरफ से अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और मुझे खुशी है कि इस टूर्नामेंट में अपने पहले मैच में ही मैं महत्वपूर्ण विकेट लेने में सफल रहा। प्लंकेट ने फिरोजशाह कोटला केष् विकेट के बारे में कहा, विकेट शुरू से ही गेंदबाजों को मदद कर रहा था और हम आईसीसी विश्व टी20 में जिस तरह के विकेटों पर खेले थे यह भी उसी तरह का विकेट था। मैंने इंग्लैंड की तरफ से इस मैदान पर तीन मैच खेले थे और उसका मुझे फायदा मिला। दिल्ली के गेंदबाज अगर सफल रहे तो किंग्स इलेवन के गेंदबाजों ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया। डेयरडेविल्स के ट्रेंट बोल्ट के साथ पर्पल कैप साझा करने वाले एंड्रयू टाई ने बाद में खुलासा किया कि उनकी टीम ने दिल्ली के गेंदबाजों की रणनीति अपनायी जो कारगर साबित हुई।

टाई ने कहा, पिच धीमी थी और उन्होंने काफी आफ कटर की थी। ऐसी गेंदों पर रन बनाना आसान नहीं था और इसलिए हमने भी वही रणनीति अपनायी। हमने क्षेत्ररक्षण के अनुसार गेंदबाजी की और सफल रहे। दिल्ली को आखिरी ओवर में 17 रन चाहिए थे और पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने अफगानिस्तान के आफ स्पिनर मुजीब उर रहमान पर भरोसा दिखाकर उन्हें यह ओवर सौंपा। टाई ने कप्तान के इस फैसले का बचाव किया।
इस आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने कहा, श्रेयस और (राहुल) तेष्वतिया अच्छा खेल रहे थे और कप्तान चाहते थे कि मैं 18वां ओवर करूं।

हमारी रणनीति इन दोनों में से किसी एक को आउट करना था ताकि मुजीब जब आखिरी ओवर करने के लिये आयें तो बचाव करने के लिये अधिक रन हों।”” अब तक छह मैचों में नौ विकेट लेने वाले टाई ने पर्पल कैप हासिल करने पर कहा, ””मैं पर्पल कैप हासिल करके खुश हूं ओर इससे साबित होता है कि मैंने इस टूर्नामेंट में अब तक कितना बेहतर प्रयास किया है। लेकिन टीम की जीत महत्वपूर्ण है और उसके बिना यह कोई मायने नहीं रखता।

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