आसाराम बलात्कार मामले में फैसला आज, जोधपुर में धारा-144, तीन राज्यों में अलर्ट जारी

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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी आसाराम पर बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा। जोधपुर की एक अदालत जेल परिसर में ही फैसला सुनाएगी। अदालत एससी/एसटी की विशेष अदालत होगी जहां पीठासीन अधिकारी मधुसुदन शर्मा यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम और उसके चार अन्य साधकों के भविष्य का फैसला सुनाएंगे। केंद्र सरकार ने फैसले से पहले राजस्थान, गुजरात और हरियाणा से अतिरिक्त बल तैनात करने को कहा है।गृह मंत्रालय ने मंगलवार को तीनों राज्यों को भेजी एडवायजरी में कहा कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि फैसले के बाद कोई हिंसा नहीं फैले। जोधपुर में भी सुरक्षा बलों का सख्त पहरा है। इलाके में धारा 144 लागू है। इन तीन राज्यों में ही सबसे ज्यादा संख्या में लोग आसाराम के भक्त हैं। आसाराम पर बलात्कार और हत्या के प्रयास समेत लगे हैं ये संगीन आरोपराम रहीम मामले से सबक: गृह मंत्रालय का यह परामर्श डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार मामले में सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के मद्देनजर भेजा गया है। इस दौरान कई लोगों की मौत भी हो गई थी।आसाराम पर यूपी के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप है। यह लड़की मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के निकट मनई आश्रम में उसे बुलाया और 15 अगस्त 2013 में उसके साथ दुष्कर्म किया था।
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जोधपुर में कड़ी सुरक्षा
फैसला सुनाए जाने से पूर्व शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है साथ ही कानून व्यवस्था के लिए आसाराम के अनुयायियों को खतरा मानते हुए पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। डीआईजी (जेल) विक्रम सिंह ने बताया, हमने फैसला सुनाए जाने के दिन के लिए सभी प्रबंध किए हैं। हाई अलर्ट मोड पर पहुंची जोधपुर पुलिस की मदद के लिए छह अतिरिक्त कंपनियों को जयपुर से मंगलवार को जोधपुर रवाना किया गया है। इसके अतिरिक्त डीजीपी ओपी गल्होत्रा भी जोधपुर के हालात पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बीकानेर, अजमेर और जयपुर से पुलिस की अतिरिक्त कंपनियां जोधपुर रवाना की हैं।पुलिस ने लगाई थी जेल में फैसला सुनाने की गुहार: राजस्थान पुलिस ने हरियाणा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के फैसले के बाद पंचकुला में हुई हिंसा और बिगड़ी कानून व्यवस्था के मद्देनजर यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर में केंद्रीय कारागार में बंद आसाराम के फैसले के दौरान शहर में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जेल में ही निर्णय सुनाने के लिए न्यायालय में गुहार लगाई थी। पुलिस की इस गुहार को कोर्ट ने स्वीकार करते हुए गत 17 अप्रैल को जेल में ही अदालत लगाकर फैसला सुनाने के आदेश दिए थे।
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जवानों का पहरा
राजस्थान में जोधपुर की जेल एकमात्र ऐसी जेल है जहां हथियार बंद आरएसी के जवान पहरा देते है। विक्रम सिंह ने बताया कि जेल के भीतर इनको हथियार रखने की इजाजत नहीं है।
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यहां तीसरी बार कोर्ट लगेगी
स्वतंत्र भारत के जेल इतिहास में राजस्थान का जोधपुर केंद्रीय जेल एक मात्र ऐसी जेल होगी जहां तीसरी बार अदालत लगेगी। इसी कारागार में 31 साल पहले टाडा की विशेष अदालत लगाई गई थी और एक साल पूर्व आरोपी आसाराम के मामले में भी अदालत लगाई गई थी।
जेल परिसर से चौथा बड़ा फैसला
– तिहाड़ जेल: इंदिरा गांधी के हत्यारों बेअंत और सतवंत सिंह पर फैसला सुनाया गया।
– ऑर्थर रोड: आतंकी अजमल आमिर कसाब के माले में अदालत लगा सजा सुनाई।
– सुनारिया: डेरा प्रमुख गुरमीत राम-रहीम को विशेष अदालत ने सजा सुनाई।
– जोधपुर जेल: यहां बुधवार को आसाराम और उसके साध्कों पर फैसला सुनाया जाएगा।
सुरक्षा के चलते आसाराम पर जेल में ही सुनाया जाएगा हाईकोर्ट का फैसला
31 साल पहले जहां टाडा कोर्ट थी वहीं आसाराम
यह भी एक संयोग है कि जोधपुर के केंद्रीय कारागार में यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम का फैसला सुनाने के लिए लगाई जा रही अदालत भी उसी हाल में है जहां 31 साल पूर्व विशेष टाडा अदालत ने अकाली नेता गुरचरर्ण ंसह टोहरा के मामले में सुनवाई की थी। यहां 1985 मे विशेष टाडा कोर्ट लगाई गई थी। यह अदालत 1988 तक चली और उस समय 365 खालिस्तान समर्थक यहां थे।
कब क्या हुआ
– 15 अगस्त 2013 : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक किशोरी के साथ जोधपुर के मनाई आश्रम में बलात्कार किया गया।
– 19 अगस्त : नई दिल्ली के कमला नेहरू नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
– 20 अगस्त : पीड़िता का मेडिकल परिक्षण कराया गया।
– 21 अगस्त : नई दिल्ली से केस जोधपुर स्थानांतरित किया गया।
– 26 अगस्त : आसाराम को समन जारी किया गया।
– 27 अगस्त : लुकआउट नोटिस हुआ।
– 30 अगस्त : आसाराम ने 20 दिन की मोहलत मांगी।
– 30 अगस्त : पुलिस की ओर से डेडलाइन खत्म।
– 31 अगस्त : पुलिस इंदौर आश्रम में घुसी।
– 31 अगस्त : इंदौर आश्रम से रात 12 बजकर 26 मिनट पर आसाराम को गिरफ्तार किया।
– 01 सितंबर : आसाराम को लेकर पुलिस जोधपुर पहुंची।

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