गांधी सेतु पर आज से दोपहिया वाहन चलाने पर रोक

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सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक गांधी सेतु पर बाइक नहीं चलेंगी. पटना ट्रैफिक पुलिस ने इस पर रोक लगा दी है. ट्रैफिक एसपी प्रकाश नाथ मिश्र ने कहा कि पहले से ही इस तरह के आदेश निकाले जा चुके हैं, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हो रहा था.

अब इसका कड़ाई से अनुपालन करवाया जायेगा. इस अवधि में बाइक को पीपा पुल से आना जाना होगा. विदित हो कि हर दिन लगभग 20 हजार बाइक हाजीपुर से पटना आते जाते हैं. इसमें लगभग 12 हजार दिन में आते जाते हैं जो इस निर्णय से प्रभावित होेंगे. ऐसे में इन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

छह बजे से सुबह छह बजे तक गांधी सेतु से पहले की तरह ही बाइक को आने जाने की इजाजत होगी. इसकी वजह पीपा पुल पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं होना है, जिसके कारण वह रात में परिचालन के लायक नहीं है. रात में वाहनों का दबाव तुलनात्मक रूप से कम होने के कारण बाइक के परिचालन से असुविधा भी कम है.

पुल से होकर गुजरने में वाहनों को अधिक जर्क का सामना करना पड़ता है. इससे रोगी व गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो सकती है. इसलिए उनको दिन में भी गांधी सेतु से होकर बाइक से आने जाने दिया जायेगा.

अन्य प्रकार की विशेष परिस्थिति में भी लोगों को असुविधा से बचाने के लिए इस प्रकार की छूट दी जा सकती है.

जेपी सेतु से भारी वाहनों के परिचालन के बारे में ट्रैफिक एसपी ने कहा कि अभी इसका ट्रायल भी संभव नहीं है. जब तक बिजली के तारों को ऊंचा नहीं किया जाता है और सड़क की स्थिति ठीक नहीं होती, जेपी सेतु से भारी वाहनों का परिचालन नहीं संभव है. इसलिए पुल पर भारी वाहनों के लोड कम करने के लिए अभी इस विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

एनएच व गांधी सेतु पर कायम वाहनों का दबाव, ओवर टेक, बेतरतीब परिचालन बिगड़ा गणित गुरुवार को भी दिखा. दरअसल सुबह से ही लेकर दोपहर तक व शाम से लेकर रात तक एनएच व गांधी सेतु पर रूक-रूक कर जाम की समस्या बनती है.

मामला यह है कि बालू लदे ट्रकों की संख्या बढ़ने, लगन की वजह से वाहनों के बढ़ते दवाब, मालवाहक वाहनों को रोके जाने से लगी लंबी कतार के बीच ओवर टेक करते वाहन से यात्री वाहनों की रफ्तार टूट टूट रही है. उत्तर बिहार की लाइफ लाइन महात्मा गांधी सेतु पर वनवे परिचालन व्यवस्था होने की स्थिति में पूर्वी लेन पर ही पटना से हाजीपुर व हाजीपुर से पटना वाहनों की आवाजाही होती है, नतीजतन धीरे-धीरे वाहनों का परिचालन होने की स्थिति में जीरो माइल तक जाम लग जाता है.

इस परिस्थिति में एनएच की सड़कों पर भी इसका असर पड़ता है. क्योंकि महात्मा गांधी सेतु को संजीवनी देने व सुपर स्ट्रक्चर को बदलने का कार्य हाजीपुर की तरफ पश्चिमी लेन पर चल रहा है. स्थिति यह है कि एनएच के साथ-साथ पुरानी बाइपास रोड व पीपा पुल पर भी वाहनों का दबाव बना रहता है.

बढ़े हादसों को देख लिया निर्णय

पिछले आठ नौ महीने से गांधी सेतु के एक लेन के कटाव के कारण सारे वाहनों का परिचालन केवल एक लेन से हो रहा है. छोटे बड़े वाहनों को मिलाकर हर दिन आनेजाने वाले वाहनों की संख्या 40 हजार हैं जिनमें आठ हजार ट्रक, चार हजार बस, आठ हजार कार जीप और छोटे तिपहिया वाहन और 20 हजार बाइक शामिल हैं. एक ही लेन से इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के आने जाने से जाम की समस्या बढ़ गई है.

सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ गई हैं. बड़े व्यावसायिक वाहनों के पिछले चक्के की चपेट में आने से बाइक सवार इसके शिकार हो रहे हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दिन के समय जब भीड़ चरम पर होती है, बाइक के परिचालन को रोकने का निर्णय लिया गया.

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