चीन की टेक कंपनियां प्रोग्रामर्स का तनाव दूर करने के लिए आकर्षक महिलाओं को कर रहीं भर्ती

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चीन के बढ़ते टेक्नॉलजी मार्केट में शेन यू जैसी महिलाओं की तलाश है, जिनका टेक्नॉलजी या आईटी सेक्टर से दूर तलक कोई वास्ता नहीं है। इस तलाश के अपने मापदंड हैं। महिला को आकर्षक होना चाहिए, उसे यह पता हो कि किस तरह ‘प्रोग्रामर’ को आकर्षित किया जाए जिसके बारे में चीन में मान्यता है कि जॉब के वर्कलोड से उनका सामाजिक जीवन तबाह हो चुका है। ऐसे प्रोग्रामर को महिला मसाज के लिए राहत दे सके।

चीन में शेन जैसी महिलाओं को ‘प्रोग्रामर मोटिवेटर’ कहा जाता है। उनका काम कुछ-कुछ मनोवैज्ञानिक जैसा तो कुछ-कुछ चीयरलीडर्स जैसा है। ऐसी महिलाओं को इसलिए हायर किया जा रहा है कि वे ‘प्रोग्रामर’ के साथ हल्के-फुल्के चैट करें और उनके तनाव को दूर कर सकें।

पेइचिंग यूनिवर्सिटी से सिविल इंजिनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाली 25 साल की शेन कहती हैं, ‘असल में उन्हें ऐसे किसी शख्स की जरूरत होती है जो समय-समय पर उनसे बात कर सके और उनके लिए कुछ ऐक्टिविटिज का बंदोवस्त कर सके ताकि उनका तनाव और प्रेसर कम हो।’

चीन में महिलाओं ने वर्कप्लेस पर अच्छी छाप छोड़ी हैं और काफी आगे बढ़ी हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा सेल्फ-मेड महिला अरबपति चीन में ही हैं। तमाम स्टार्टअप्स में महिलाएं सीनियर भूमिकाओं में हैं। इसके बावजूद यहां का इकोसिस्टम अमेरिका और अन्य विकसित देशों से अलग है। एक ऐसे वक्त में जब अमेरिका और दूसरे देशों में #MeToo जैसे अभियान चल रहे हैं, चीन में लैंगिक असमानता और पक्षपात से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी खुलकर चर्चा होती है।

लैंगिक भेदभाव को लेकर देश के कानून को सही से लागू नहीं किया गया है। कई कंपनियां जॉब के लिए दिए गए अपने विज्ञापन में साफ-साफ कहती हैं कि पुरुषों को वरीयता दी जाएगी। सिर्फ देखने में आकर्षक महिलाओं के आवेदन पर ही विचार होता है। अब प्रोग्रामर मोटिवेटर्स के रूप में महिलाओं की भर्ती कर उन्हें पुरुषों के सहायक के तौर पर रखा जा रहा है।

चीन की टेक कंपनियां फेसबुक, गूगल और ऐमजॉन जैसी दिग्गज कंपनियों को तगड़ी चुनौती दे रही हैं लेकिन उनका वर्क कल्चर कई मायनों में सिलिकॉन वैली से पिछड़ा हुआ है, जहां पुरुषों का वर्चस्व है।

टेक सेक्टर में शीर्ष पदों पर पुरुषों का वर्चस्व है। ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा के 11 सदस्यीय बोर्ड में सिर्फ एक महिला है। सर्च कंपनी बायडू के 6 सदस्यीय बोर्ड में सिर्फ एक महिला है। टेन्सेंट के बोर्ड मेंबर्स में तो कोई महिला ही नहीं है। अगर तुलना करें तो ट्विटर के 9 सदस्यीय बोर्ड में 3 महिलाएं हैं। फेसबुक के 9 डायरेक्टर्स में 2 महिलाएं हैं।

अन्य व्यवसायों की तरह चीन की टेक कंपनियां भी अपने जॉब ऐड में लैंगिक समानता को लेकर गंभीर नहीं हैं। अलीबाबा, बायडू और टेन्सेंट जैसे दिग्गज लगातार अपने भर्ती विज्ञापनों में पुरुषों या ‘गुड लुकिंग’ महिलाओं को तरजीह देने की बात कहते हैं। जनवरी में अलीबाबा ने अपनी एक सहायक कंपनी के लिए सेल्स मैनेजर पद के लिए विज्ञापन निकाला। उसमें बताया गया कि 28 से 35 साल की उन महिलाओं को तवज्जो दी जाएगी आकर्षक और देखने में सुंदर हों। पिछले साल नवंबर में बायडु ने मार्केटिंग पोजिशन के लिए विज्ञापन दिया जिसमें कहा गया कि बिजनस ट्रैवल व दूसरे कारणों की वजह से पुरुषों को वरीयता दी जाएगी। हालांकि विवाद बढ़ने पर इन कंपनियों ने अपने विज्ञापन हटा दिए।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी कंपनियों ने अपने यहां प्रोग्रामर मोटिवेटर्स की भर्ती की है। बायडू द्वारा चलाई जा रही जॉब सर्च वेबसाइट बायडू बैपिन के मुताबिक अभी सिर्फ 7 कंपनियां ही इस जॉब के लिए विज्ञापन दे रही हैं और इनमें से ज्यादातर छोटे स्टार्टअप्स के लिए हैं।

अलीबाबा ने 2015 में प्रोग्रामर मोटिवेटर के लिए विज्ञापन दिया था जिसमें ‘शानदार लुक’ की शर्त रखी गई थी। हालांकि चाइनीज इंटरनेट यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया के बाद कंपनी ने उस ऐड को डिलीट कर दिया था।

शेन ने अक्टूबर में एक कंज्यूमर फाइनैंस कंपनी में काम करना शुरू किया। उन्होंने अपनी सैलरी की जानकारी देने से इनकार किया लेकिन उन्हें भर्ती करने वाले एचआर एग्जिक्युटिव झांग जिंग ने बताया कि शेन की सैलरी 950 डॉलर (करीब 63 हजार रुपये) प्रति महीने के आस-पास है।

शेन के बाल लंबे और खुबूसत हैं और दमकता हुआ चेहरा है। वह ऑफिस में रेड आई शैडो लगाकर आती हैं और हर वक्त उनके चेहरे पर मुस्कान रहती है। उनके सहकर्मी उन्हें उनके निकनेम यूयू से बुलाते हैं जिसका अर्थ खुशी है।

कंपनी में उनका मुख्य कार्यों में सोशल इवेंट्स को आयोजित करना, प्रोग्रामर्स के लिए टी ब्रेक में स्नैक्स का ऑर्डर देना और उनके साथ बातचीत करना शामिल है। वह किसी प्रोग्रामर को कॉन्फ्रेंस रूम में बुला सकती हैं और उससे पूछ सकती हैं कि क्या आपने ओवरटाइम किया है।

शेन कहती हैं कि उन्हें लगा कि यह काम वाकई नए तरह का है क्योंकि उन्होंने पहले कभी भी इस तरह की जॉब के बारे में नहीं सुना था।

पिछले शुक्रवार को वह 28 साल के गुओ झेंजी के पास पहुंची, जो अपने डेस्क के ठीक सामने फोल्डआउट बेड में लेटा हुआ था। शेन ने उससे पूछा कि क्या डेस्क पर लंबे समय तक काम करने की वजह से उसके कमर में अब भी दर्द है। उसने हां में जवाब दिया। इस पर शेन ने गुओ से कहा, ‘कंपनी की मंशा यह है कि मैं आपको मसाज दूं, हालांकि हो सकता है कि मेरी तकनीक बहुत अच्छी न हो।’ इस पर दोनों हंसने लगे। इसके बाद शेन ने गुओ को मसाज दी।

प्रोग्रामर मोटिवेटर्स की वजह से कंपनियों के कर्मचारियों पर सकारात्मक असर पड़ा है। शेन की कंपनी में काम करने वाले 31 साल के फेंग झियी का कहना है कि शेन ने उनके काम के माहौल में सुधार किया है। वह बर्थडे पार्टीज से लेकर प्रोग्रामर्स के लिए गेम्स की व्यवस्था करती हैं।

यह पूछने पर कि उनके काम को क्या लैंगिक भेदभाव वाला माना जाना चाहिए तो शेन कहती हैं, ‘बिल्कुल नहीं।’ वह अपने जॉब को सेक्सिस्ट नहीं मानती। शेन कहती हैं, ‘मेरा मानना है कि महिला को स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और आत्म-सम्मान वाली होना चाहिए। और यही पर्याप्त है।’

शेन की कंपनी में काम करने वाली कुछ महिला प्रोग्रामर्स में से एक जू जियाओलॉन्ग को भी शेन से मसाज मिलती है। जू को भी शेन की जॉब में कोई बुराई नहीं दिखती।

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