UPSC टॉपर की कहानी: 5वीं बार में ‘सफलता’, गूगल में करते थे जॉब

0
453

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए सिविल सर्विसेज परीक्षा के रिजल्ट में हैदराबाद के रहने वाले अनुदीप दुरीशेट्टी ने पहला स्थान किया है. उनके यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में टॉपर बनने तक सफर भी काफी रोमांचक रहा है और क्योंकि उन्होंने आखिरी प्रयास में यह मुकाम हासिल लिया है. आइए जानते हैं अनुदीप के जीवन से जुड़ी कई अहम बातें.

बता दें कि अनुदीप ने पहली बार में नहीं बल्कि पांचवी बार में आईएएस बनने का सपना पूरा किया है. इससे पहले उन्हें आईआरएस कैडर मिल गया था और उन्हें कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया गया था. वे अनुदीप भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर तैनात हैं.

टॉपर बनने पर अनुदीप ने कहा कि मेरा टॉपर बनने का सफर आसान नहीं था. उन्होंने अपनी इस सफलता पर उन सभी लोगों को शुक्रिया कहा है जिन्होंने उनका सहयोग किया. उन्होंने कहा कि यह सफर पूरी तरह रोमांचक रहा और वे अब एक टॉपर हैं.

बता दें कि मेटपल्ली के रहने वाले अनुदीप के पिता डॉ मनोहर उत्तरी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, तेलंगाना में सहायक मंडल अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. वहीं, उनकी मां डॉ ज्योति गृहणी हैं.

अनुदीप ने मेटपल्ली स्थित श्री सुर्योदय हाई स्कूल से पढ़ाई की और उसके बाद बीटेक (इलेक्टॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटशन) की पढाई के लिए बिट्स पिलानी में एडमिशन लिया. उन्होंने साल 2011 में ग्रेजुएशन कर ली थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार अनुदीप का कहना है कि जब वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, तो उसी समय उन्हें सिविल सर्विस में दिलचस्पी पैदा हुई. हालांकि काफी मेहनत के बाद भी उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी.

इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर गूगल में नौकरी शुरू कर दी. हालांकि इस दौरान उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी जारी रखी.

बता दें कि उन्होंने पहली बार परीक्षा दी तो वो इंटरव्यू में रह गए, उसके बाद उन्होंने 2013 में दूसरी बार परीक्षा दी और आईआरएस पद पर चयनित हुए. हालांकि उन्हें आईएएस बनना था और उन्होंने फिर भी अपनी तैयारी जारी रखी.

तीसरे और चौथे प्रयास में उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी और उन्हें पांचवीं बार परीक्षा देने की ठानी. यह उनका आखिरी और पांचवां प्रयास था, जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की और पहला स्थान प्राप्त किया.

अनुदीप ओबीसी कैटगरी से आते हैं. पिछले साल इस परीक्षा में नंदनी केआर ने टॉप किया था, वो भी ओबीसी कैटगरी से थीं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here