मौसम विभाग की चेतावनी, दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, समेत देश के कई हिस्सों में तूफान का खतरा

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नई दिल्ली
बुधवार रात आए तूफान + और धूल भरी बारिश से सौ से अधिक लोगों की मौत के बावजूद यह खतरा अभी टला नहीं है। नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने मौसम विभाग के हवाले से आने वाले 5 दिनों तक खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के मुताबिक दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड समेत देश के कई सूबों में तूफान की आशंका जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान में फिर धूल भरी आंधी का अंदेशा जताया गया है।इससे पहले बुधवार देर रात आए तूफान और धूल भरी आंधी ने देश कई कई हिस्सों खासकर यूपी और राजस्थान में बड़ी तबाही मचाई। इस तूफान की चपेट में आकर अबतक 129 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा करीब 200 लोग घायल भी हुए हैं। इसके बाद मौसम विभाग ने 48 घंटे का अलर्ट जारी किया। फिलहाल एनडीएमए ने मौसम विभाग + के हवाले से 5 दिनों का अलर्ट जारी किया है।इसके मुताबिक दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, और ओडिशा में तूफान की चेतावनी जारी की गई है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और साउथ कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी भी है। पश्चिमी राजस्थान पर एक बार फिर धूल भरी आंधी का खतरा मंडरा रहा है।राजस्‍थान और पश्चिमी यूपी समेत उत्‍तर भारत के कई इलाकों में बुधवार शाम को आए रेतीले तूफान में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्‍या में लोग घायल हो गए हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कारण आए इस भीषण तूफान ने आम जनजीवन को तहस-नहस कर दिया। देखें तस्वीरें…राजस्थान में रेतीले तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई लोगों की जानें गईं और जान-माल का भारी नुकसान हुआ। रेतीले तूफान के कारण कच्चे घरों में रहनेवाले कई परिवारों को बेघर होना पड़ा।रेतीले तूफान का असर पंजाब में भी दिखा। पंजाब में किसानों की खड़ी फसल तूफान की वजह से भेंट चढ़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्राकृतिक विपदा में जान गंवाने वाले लोगों के लिए दुख प्रकट किया।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में आए इस तूफान का असर हरियाणा में भी दिखा। हरियाणा का आसमान धूल के अंधड़ से भर गया। रेतीले तूफान की वजह से कई ट्रेनें लेट और रद्द हुईं।स्थानीय परिवहन को भी भारी नुकसान पहुंचा।रेतीले तूफान का असर इतना भयानक रहा कि मजबूत पेड़ भी गिर गए। कई जगह पेड़ों के गिरने से भारी जान-माल का नुकसान हुआ। इलाके में बिजली और यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुए।आगरा के शहरी क्षेत्र की बजाय ग्रामीण इलाकों में तबाही अधिक हुई है। करीब 90 मिनट तक आंधी, बारिश और ओलों के कहर से सैकड़ों पेड़ उखड़ गए और शहरी क्षेत्र में होर्डिंग गिर पड़े। देहात में कई मकानों की छत ही उड़ गई। ताजमहल परिसर में भी दो पेड़ों के गिरने की सूचना है।आगरा के एडीएम फाइनेंस आरके मालपानी ने बताया है कि तूफान से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 43 लोगों की मौत हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा 15 लोग खेरागढ़,10 फतेहाबाद, बाह में 4 और एत्मादपुर में 2 लोगों की तूफान के चपेट में आने से मौत हो गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बारिश और आंधी-तूफान से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।तूफान से राजस्‍थान में भी 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। राजस्‍थान के बीकानेर, भरतपुर, अलवर और धौलपुर में तूफान से सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचा है। तूफान की गति करीब 135 किमी प्रतिघंटा थी। इससे इन जिलों में सैंकड़ों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। चूरू, पिलानी, दौसा और झुंझनूं में ओलावृष्टि भी हुई है।4 मई से लेकर 8 मई यानी 5 दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। यूपी और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से अबतक 129 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संख्या में अभी और भी इजाफा हो सकता है। यूपी में सरकार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तूफान की आशंकाओं को लेकर अलर्ट रहने को कहा है।

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