मरने से पहले आतंकी ने पिता से कहा- अगर मैंने आपको दुख पहुंचाया है तो मुझे माफ कीजिएगा

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दक्षिण कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए मोहम्मद रफी भट्ट ने आज सुबह अपने पिता को फोन कर कहा कि अगर उसने उन्हें दुख पहुंचाया है तो वह माफी चाहता है। रफी ने आज सुबह फयाज अहमद भट्ट को आखिरी बार फोन किया था। फयाज ने पुलिस को बताया कि वह आज सुबह जगे ही थे कि उनका फोन बजा। यह फोन उनके सामाजशास्त्री बेटे रफी का था। रफी ने अपने पिता से कहा कि अगर मैंने आपको दुख पहुंचाया है तो उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।इसके बाद उसके मुठभेड़ में मारे जाने की खबर मिली। पुलिस ने बताया कि रफी पिछले सप्ताह के शुक्रवार को घर छोड़कर आतंकी समूह हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पुलिस दल भेजकर फयाज और उनके परिवार को रफी को आत्मसमर्पण के लिए मनाने को कहा। फयाज उनकी पत्नी और बेटी बोटा कदाल स्थित मुठभेड़ स्थल पर पहुंचे ही थे कि उन्हें रफी की मौत की खबर मिली।कश्मीर विश्वविद्यालय में समाज शास्त्र के सहायक प्रोफेसर मोहम्मद रफी भट की जिंदगी आतंक की राह पर 36 घंटे तक ही रह सकी। आतंकी वारदात में भट की भागीदारी शुक्रवार की शाम से शुरू हुई और रविवार सुबह शोपियां के बडीगाम में सुरक्षा बलों की घेराबंदी में उसके इस नापाक सफर का अंत हो गया।मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले के चुनडिना इलाके का निवासी भट विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग में अनुबंध पर सहायक प्रोफेसर था। शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद से वह लापता था। उस दिन अंतिम बार उसकी अपनी मां से बातचीत हुई थी लेकिन उसने अपने मंसूबों के बारे में नहीं बताया। इसी दौरान भट आतंकी संगठन हिजबुल से जुड़ गया। वर्ष 2016 में हिज्बुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद आतंकवाद की राह पर जाने वाले कई नौजवानों की उम्र बेहद कम रही और उनमें से कई एक पखवाड़े के भीतर ही मारे गए।भट के परिवारवालों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को शनिवार सुबह उसके लापता होने के बारे में बताया। इसके बाद उसकी गैर मौजूदगी को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन भी हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि लापता प्रोफेसर की तलाश के लिए तमाम प्रयास किए जाएंगे। बहरहाल, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के जैनापुरा इलाके के बडीगाम गांव में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों में भट भी शामिल था।जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह से चल रहे आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। घाटी में आतंकियों के सफाए के लिए सुरक्षाबलों की तरफ से ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ चलाया जा रहा है। जिसके तहत सेना ने पांच आतंकियों को मार गिराया है। बताया जा रहा है मारे गए आतंकवादियों में हिजबुल कमांडर सद्दाम पादर भी शामिल है।सद्दाम के साथ मारे गए पांच आतंकवादियों में उसके दो साथी बिलाल मौलवी और आदिल भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रोफेसर से आतंकी बने मोहम्मद रफी भी इस एनकाउंटर में मारे गए हैं। जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) एसपी वैद्य ने बताया कि शोपियां के बाडीगाम और जैनपुरा में एनकाउंटर खत्म हो चुका है। सुरक्षाबलों ने 5 आतंकियों की लाशें बरामद की हैं।सद्दाम, हिज्बुल संगठन का शीर्ष आतंकी कमांडर था और बुरहान वानी ब्रिगेड में शामिल एकमात्र जीवित हिज्बुल कमांडर था। यानी सद्दाम के मारे जाने के साथ ही बुरहान ब्रिगेड का सफाया हो गया है।

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