सरकार ले सकती है बड़ा फैसला! बाल यौन शोषण पीड़ित कर सकेंगे 25 साल की उम्र तक शिकायत

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केंद्र सरकार बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों पर एक बड़ा फैसला ले सकती है। बचपन में यौन शोषण के पीड़ित 25 साल की उम्र तक आरोपी के खिलाफ शिकायत कर सकेंगे, अगर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्रालय के इस सुझाव पर केंद्र सरकार मुहर लगा देती है। इस मामले से जुड़े मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डब्ल्यूसीडी चाहता है कि ऐसे यौन शोषण के पीड़ितों को बालिग होने के बाद सात साल का और वक्त मिले ताकि वे अपने साथ हुए अपराध के खिलाफ आवाज उठा सकें। अगर डब्ल्यूसीडी के इस सुझाव को हरी झंडी मिल जाती है तो यौन शोषण के शिकार बच्चे 25 की उम्र तक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करा सकेंगे।पिछले सप्ताह महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर यह खुलासा किया है। यह निर्णय लेते हुए इस विषय पर भी गौर किया जाएगा कि तय समय सीमा में बलात्कार और छेड़छाड़ जैसे यौन अपराध मामलों में साक्ष्य या नमूने जांचने में कोई समस्या न आए।मंत्रालय के एक दूसरे अधिकारी ने बताया, ‘हम लोग इसकी जांच कर रहे हैं कि अगर यह समय सीमा बढा़ दी जाती है तो सीआरपीसी में संशोधन के साथ ही इसे पोस्को में भी शामिल किया जा सकता है।’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘हम लोग दोबारा सीआरपीसी में संशोधन के लिए गृह मंत्रालय को पत्र लिखेंगे। हम लोगों ने फरवरी में गृह मंत्रालय को खत लिखा था, लेकिन उस वक्त हमारे पास विशेष समय सीमा नहीं थी।’अभी सीआरपीसी की धारा 468 के तहत ऐसे अपराध जिनकी सजा केवल जुर्माना है, उनकी शिकायत करने की समय सीमा छह महीने है, वहीं जिन अपराधों की सजा एक साल जेल तक है, उनकी शिकायत एक साल तक की जा सकती है। वहीं तीन साल तक की जेल की सजा वाले अपराधों की शिकायत तीन साल की समय सीमा के भीतर की जा सकती है। इसके अलावा जिन अपराधों की सजा तीन साल से ज्यादा जेल की है, उनके लिए कोई समय सीमा नहीं है।

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