बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा और बेटे पर गैंगरेप का आरोप, धरने पर बैठी पीड़िता

0
178

शाहजहांपुर
यूपी के उन्नाव में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ गैंगरेप मामले में कार्रवाई के बाद एक और बीजेपी एमएलए के खिलाफ ऐसा ही एक मामला सामने आया है। सूबे के ही शाहजहांपुर की तिलहर सीट से बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा और उनके बेटे मनोज वर्मा के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का आरोप लगाकर पीड़िता सोमवार को धरने पर बैठ गई।यूपी के शाहजहांपुर में जिला कलेक्ट्रेट ऑफिस के बाहर धरना देने वाली 28 वर्षीय युवती ने बताया कि 2011 में दोनों ने उसका अपहरण कर गैंगरेप किया था। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि बाद में अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना खत्म करा दिया।महिला की शादी विधायक के छोटे बेटे विनोद वर्मा से 2012 में हुई थी, लेकिन एक साल बाद दोनों अलग हो गए। दोनों की एक 5 साल की बेटी भी है जो मां के साथ रह रही है। महिला के अनुसार, वह एक छोटे गांव से ताल्लुक रखती है, उसे विधायक के छोटे बेटे से शादी करने के लिए मना लिया गया था। हालांकि उसे जल्दी यह मालूम हो गया कि विधायक ने अपनी छवि और खुद व अपने बड़े बेटे के खिलाफ रेप केस से बचने के प्रयास में शादी कराई थी।इस दौरान, पुलिस ने बताया कि 2011 में ही रोशन लाल और उनके बेटे मनोज वर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 363 (अपहरण) और 366 (किडनैपिंग, गैरकानूनी ढंग से उठाकर ले जाना और शादी के लिए मजबूर करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि उनके खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत न होने की वजह से अक्टूबर 2013 में केस बंद कर दिया गया था।
केस वापस लेने का दबाव बनाया गया
महिला का कहना है कि विनोद के छोड़ने के बाद उसने कोर्ट की मदद ली और कोर्ट ने मामले की दोबारा जांच का आदेश देकर 2016 में केस को सीबीसीआईडी (क्राइम ब्रांच क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) को सौंप दिया था। महिला ने विधायक पर मामले की जांच को बाधित करने का आरोप भी लगाया। उसने बताया, ‘एक दिन सीबीसीआईडी के इंवेस्टिगेशन ऑफिसर मनोज के साथ मेरा बयान दर्ज करने आए। उन्होंने मुझे केस वापस लेने के दबाव बनाया और धमकी दी। हालांकि मैं किसी दबाव में नहीं आई और लड़ाई जारी रखी।’
सोमवार को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जेके शर्मा को उसकी शिकायत को उच्च अधिकारियों के पास भेजने का वादा किया इसके बाद जाकर पीड़िता ने धरना वापस लिया। अडिशनल एसपी (सिटी) दिनेश त्रिपाठी ने बताया, ‘जब तक मामले की जांच सीबीसीआईडी के पास लंबित है, हम इस पर कोई कमेंट या कार्रवाई नहीं कर सकते।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here