तेज तूफान ने ली अब तक 134 लोगों की जान, खतरा अभी भी बरकरार

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महीने की शुरुआत से ही देश के कई हिस्सों में आ रहे आंधी-तूफान का खतरा अब भी बरकरार है। मौसम विभाग ने कहा है कि आंधी-तूफान की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है और इसे समय पर सभी लोगों तक पहुंचानी काफी मुश्किल है। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. केजे रमेश ने बताया कि किसी भी जगह आंधी-तूफान स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण बनते हैं। ऐसी स्थिति में इनका सही वक्त और सही स्थान का आकलन करना संभव नहीं होता है।सामान्य तौर पर इनके बनने का आकलन 48 घंटे पहले किया जा सकता है। लेकिन आजकल डॉप्लर राडार की मदद से दो-तीन घंटे पहले भी इनका आकलन किया जा रहा है, जो काफी हद तक सही साबित होता है। बावजूद इसके आंधी-तूफान (थंडर स्ट्रॉम) की 100 फीसदी सही भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।तूफान के चलते पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कई भागों में जनजीवन प्रभावित रहा। राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर के कुछ इलाकों में आंधी आई। मौसम विभाग ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब को पांच दिनों तक सतर्क रहने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग में पूर्वानुमान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।इस महीने दो और तीन तारीख को उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में तेज आंधी चलने और आसमान से बिजली गिरने से करीब 134 लोगों की जान चली गई और 400 से अधिक लोग घायल हुए। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सबसे अधिक 80 लोग यूपी में मारे गए और करीब 100 लोग घायल हो गए। इन दो दिनों में 1800 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा और 800 मवेशी मारे गए।

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