सीएम नीतीश ने किया मलमास मेले का उद्घाटन, खेल-तमाशों की सजी बाजार

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बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने एक महीने तक चलने वाले मलमास मेले का उद्घाटन किया। राजगीर में आयोजित इस मेले में लाखों की संख्‍या में पर्यटक शामिल होंगे।
नालंदा । बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर में एक महीने तक चलने वाले मलमास मेला का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कुंड परिसर में पूजा अर्चना कर मेले के की शुरुआत की। इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि राजगीर सर्वधर्म सम्भाव की स्थली है। सभी प्रमुख धर्मों के पूजा स्थल यहां मौजूद है। हिंदू ,मुस्लिम, बौद्ध, सिख ,जैन सभी धर्म के लिए राजगीर बहुत ही पवित्र स्थल है।उन्होंने कहा की मलमास में कुंड तथा वैतरणी एवं सरस्वती नदी के प्रति लोगों में असीम श्रद्धा है। राजगीर मलमास मेला में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। एक माह तक चलने वाले मलमास मेला में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त किया एवं इसके लिए डीएम तथा जिला प्रशासन की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजगीर आकर उन्हें काफी शांति मिलती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक रुप से प्रसिद्ध स्थलों का संगम है। यहां की पंच पहाड़ी हिमालय से भी काफी पुरानी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2 करोड़ से 10 करोड़ वर्ष पुरानी है। इन पहाड़ के बीज से कुंड और उसमें से पानी निकलना एक अछ्वुत बात है। उन्होंने कहा कि यहां स्थित सभी कुंडों को विकसित किया जा रहा है।
सीएम ने सरस्वती एवं वैतरणी नदी में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए बेहतरीन काम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थानों के विकास पर राज्य सरकार के द्वारा काफी कार्य किए जा रहे हैं। राजगीर में पर्यटकों के विकास के लिए किए गए कार्यों के चलते ही यहां हर साल सैलानियों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह बहुत ही अच्छी बात है। मुख्यमंत्री ने मेला में पेयजल स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं साफ-सफाई तथा बिजली रोशनी एवं सुरक्षा आदि की बेहतरीन व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन की जमकर सराहना की है।उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि मेला को साफ सुथरा रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने राजगीर में बन रहे जू सफारी के साथ-साथ यहां के पर्यटक स्थल के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की भी चर्चा की। राजगीर मलमास मेला को राजकीय दर्जा दिए जाने पर पंडा समिति के लोगों ने उनके प्रति आभार प्रकट किया एवं कहा कि इससे राजगीर मलमास मेला की भव्यता दिनों दिन बढ़ती जाएगी।
खेल-तमाशों की सजा बाजार, पर्यटक ले सकेंगे मेले का पूरा लुत्फ
राजकीय दर्जा प्राप्त मलमास मास मेला 2018 काफी भव्यता के साथ अपने अतिथियों के स्वागत में तैयार खड़ा है। सैरात की भूमि पर लगे तीन थियेटरों के आलीशान व आकर्षक पंडाल मेला क्षेत्र की एक अलग झलक प्रस्‍तुत कर रहे हैं, जिसमें शोख व चंचल नर्तकियों व कलाकारों के साज और आवाज से महफिल सजेगी।यहां से नर्तकियों के पाव मे बंधे घुंघरुओं से उठती झंकार व मखमली आवाज राजगीर के पंच पहाडिय़ों को झंकृत करेंगी। साथ ही चार पोल का सर्कस अपने कुशल कलाकारों के हैरत अंगेज कारनामों से दर्शकों को दांतो तले अंगुलियां दबाने को मजबूर करने को तैयार हैं।दो फीट का बौना व जोकर इस सर्कस का खास आकर्षण होगा। सम्मोहन के मायावी दुनिया में ले जाकर लोगों को पल भर में गायब कर देने वाला जादू का खेल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।
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इस बार मेले मे पहली बार तीन मौत का कुआं अपने जान की बाजी लगा देने वाले महिला पुरुष कलाकार के साथ लोगों की धड़कन बढाने को आतुर है। 50 फुट ऊंचाई तथा उपरी चौड़ाई 65 व नीचे की चौड़ाई 52 फीट के सर्किल राऊंड मे एक साथ पांच मारुती तथा पांच मोटरसायकिल पर सवार कलाकारों द्वारा काफी खतरनाक कलाबाजियां दर्शकों की सांसे थमने पर विवश कर देगा।विभिन्न प्रकार के रंग बिरंगे अत्याधुनिक झूले महिलाओं व बच्चों को आसमान में कई फुट उपर तक हवा मे सैर करायेंगे। इसमें आसमान तारा, टोरा टोरा, ब्रेक डांस, ड्रेगन ट्रेन, हिचकोला नाव आदि अपने विभिन्न आकार प्रकार के साथ मेले मे एक अलग रौनक प्रदान कर रही है।मीना बाजार भी विभिन्न प्रकार के खिलौनों वस्तुओं से सज चुकी है। कुंड स्नान सह पूजा अर्चना के समय चढाये जाने वाले प्रसाद के साथ चाय, नाश्ते, भोजन की दुकानें भी लग गई है। मेले के दौरान पौराणिक सरस्वती नदी के घाट पर बिहार पर्यटन विभाग व पंडा समिति के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिनों तक महामंगल आरती का आयोजन होगा।मलमास मेला में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने की व्यापक व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि मेले में आने वालों के लिए पेयजल की सतत आपूर्ति की जायेगी। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन ने राजगीर बस स्टैंड के पास 10 हजार लीटर क्षमता की बोरिंग सहित एक टंकी बिठाया है। वहीं, अन्य 09 जगहों पर भी एक-एक हजार लीटर क्षमता की बोरिंग सहित वाटर टंकी बैठा दिया है।इसके अलावा मेला क्षेत्र के 13 जगहों पर स्टैंड पोस्ट के माध्यम से रात-दिन पानी आपूर्ती की जाएगी। 20 स्थानों पर भैट्स के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाएगी। 11 स्थानों पर बड़े तथा 21 जगहों पर छोटे टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने की व्यवस्था की गई है। 13 स्थानों पर वाटर एटीएम तथा कुछ जगहों पर आरओ के माध्यम से पानी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। मेले के लिए पानी सप्लाई करने वाले पंपों की मरम्मत तथा जनरेटर दुरूस्त करा दिया गया है।मेले की साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था कर दी गई है। नगर पंचायत राजगीर द्वारा 22 शैचालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सौजन्य से 75 प्री फेब्रिकेटेड शौचालय तथा 44 नन फेब्रिकेटेड शौचालय की व्यवस्था मेला को ले की गई है। इसके अलावा डूडा द्वारा सिंगल सीट बोरिंग सहित 14, फोर सीटर 20 शौचालय का निर्माण कराया गया है। लोग इधर-उधर मूत्रदान ने करें इसके लिए 110 मूत्रालय भी बनाए गए हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूरा ख्‍याल रखा जा रहा है।

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