फ्लिपकार्ट से 36 गुना बड़ी कंपनी है अमेजन, दोनों ने किताबें बेचकर शुरुआत की थी

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नई दिल्ली.फ्लिपकार्ट और अमेजन भारतीय ई-कॉमर्स की सबसे बड़ी कंपनियां हैं। फ्लिपकार्ट पहले और अमेजन देश में दूसरे नंबर पर है। दोनों कंपनियों ने ऑनलाइन बुकस्टोर से शुरुआत की थी। अमेजन आज अमेरिका की सबसे बड़ी, फ्लिपकार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है। दोनों में एक निवेशक कंपनी टाइगर ग्लोबल कॉमन है। वॉलमार्ट से पहले अमेजन भी फ्लिपकार्ट को खरीदने की दौड़ में शामिल थी। उसने तीन बार फ्लिपकार्ट को खरीदने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सकी।
फ्लिपकार्ट 11 साल पुरानी, अमेजन 6 साल पहले भारत में आई
कंपनी अमेजन फ्लिपकार्ट
शुरुआत 1995 2007
भारत में एंट्री 2012 2007
मार्केट वैल्यू 51 लाख करोड़ 1.39 लाख करोड़
भारत में मार्केट शेयर 38% 43%
संस्थापक जेफ बेजोस सचिन बंसल, बिन्नी बंसल
कारोबार ई-कॉमर्स ई-कॉमर्स, ऑनलाइन रिटेल
कंपनी बेस सिएटल, अमेरिका बेंगलुरु, भारत
सेलर 3 लाख 1 लाख
रजिस्टर्ड यूजर 1 करोड़ 10 करोड़
प्रोडक्ट कैटेगरी 100 80
उत्पादों की संख्या 4 करोड़ 8 करोड़
वेयरहाउस 67 21
फ्लिपकार्ट ने चार लाख रुपए से शुरुआत की थी, अमेजन के पास पूंजी की कभी कमी नहीं रही
– फ्लिपकार्ट के पास ज्यादा पूंजी नहीं थी, उसने सिर्फ 4 लाख रुपए से बिजनेस शुरु किया। फ्लिपकार्ट एक स्टार्टअप था, सचिन और बिन्नी बंसल को कारोबार का अनुभव नहीं था।
– वहीं, अमेजन के पास पूंजी की कोई कमी नहीं थी, मार्केट कैप के मामले में अमेजन दुनिया की टॉप 5 कंपनियों में शामिल है।
– फरवरी 2012 में अमेजन ने भारतीय बाजार में कदम रखा। भारत में शुरुआत करते वक्त अमेजन 17 साल के ग्लोबल बिजनेस एक्सपीरियंस वाली कंपनी थी।
– अमेजन अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है, जबकि फ्लिपकार्ट भारत में लिस्टेड नहीं है।
अमेजन ने तीन बार फ्लिपकार्ट को खरीदने की कोशश की थी
– अमेजन को पता था कि भारतीय बाजार में उसको फ्लिपकार्ट से कड़ी टक्कर मिलेगी। शायद इसीलिए अमेजन भारत में कारोबार शुरु करने से पहले ही फ्लिपकार्ट पर दांव लगाना शुरू कर दिया था। अमेजन ने भारत में एंट्री से पहले फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए 3,300-4,600 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था।
– अमेजन ने 2015 में ऑफर बढ़ाकर 52,800 करोड़ रुपए किया। दोनों बार फ्लिपकार्ट के शेयरहोल्डर्स ने वैल्यू कम बताकर डील से इनकार कर दिया।
– बताया जा रहा है कि वॉलमार्ट से डील के लिए बातचीत के दौरान अमेजन ने फ्लिपकार्ट को खरीदने की तीसरी कोशिश भी की थी।
फ्लिपकार्ट से डील करने में अमेजन के पिछड़ने की दो वजह
1) अमेजन ने तीसरी कोशिश में फ्लिपकार्ट के 60% शेयर खरीदने का ऑफर दिया। डील के लिए फ्लिपकार्ट की वैल्यू 22 बिलियन डॉलर (1.45 लाख करोड़ रुपए) आंकी। लेकिन फ्लिपकार्ट के बोर्ड ने वॉलमार्ट को तवज्जो दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेजन से डील का मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (कंपीटीशन कमीशन ऑफ इंडिया) में कमजोर पड़ सकता था।
2) फ्लिपकार्ट के शेयरधारकों ने इसलिए भी हाथ खींच लिए क्योंकि वॉलमार्ट से नए निवेश के तौर पर पर कैश में रकम मिलने वाली थी, जबकि अमेजन से डील होने पर शेयर स्वैप होता।
भारत में फ्लिपकार्ट से आगे क्यों नहीं निकल पा रही अमेजन?
1) भारत में अमेजन की निवेश की रणनीति तो आक्रामक है लेकिन अधिग्रहण के मामले में वह पिछड़ जाती है।
2) अमेजन के हाथ से तीन बार फ्लिपकार्ट फिसल गई। इससे पहले ऑनलाइन ग्रॉसर बिग बास्केट और फैशन रिटेलर जबोंग को खरीदने से भी अमेचन चूक गई।
भारत में तेजी से निवेश कर रही है अमेजन
फ्लिपकार्ट से आगे निकलने के लिए अमेजन ने भारत में हाल ही में 2,600 करोड़ रुपए का निवेश किया है। जनवरी में भी अमेजन की भारतीय यूनिट अमेजन सेलर सर्विसेस को कारोबारी विस्तार के लिए 1,950 करोड़ रुपए मिले थे। अमेजन इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि भारत लंबी अवधि के लिए तेजी से बढ़ता ई-कॉमर्स मार्केट है, हम टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए निवेश जारी रखेंगे। अमेजन ने भारत में 5 बिलियन डॉलर (33 हजार करोड़ रुपए) के निवेश का लक्ष्य रखा है।

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